कौन हैं कोरोना पर अपडेट देने वाले IAS अफसर लव अग्रवाल, जिनके पास होता है कोरोना वायरस के हर सवाल का जवाब… कैसे करते हैं काम.. जानें उनके बारे में

नईदिल्ली 9 अप्रैल 2020। भारत में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। देश में 21 दिन का लॉकडाउन किया गया है। इसी कड़ी में भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना मॉनिट‍रिंग टीम बनाई है। कोरोना के मामलों के बीच आजकल आप शाम को अपनी टीवी स्‍क्रीन पर एक चेहरे को देख रहे होंगे। पिछले करीब एक माह से यह व्‍यक्ति आपके स्‍क्रीन पर देश में कोरोना के मामलों के बारे में जानकारी देते हैं। यह व्‍यक्ति हैं आईएएस ऑफिसर लव अग्रवाल जो स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय में ज्‍वॉइन्‍ट सेक्रेटरी हैं। जो रोज शाम चार बजे नेशनल मीडिया सेंटर पर प्रेस कान्फ्रेंस कर देश को कोरोना का ताजा हाल बताते हैं। 

कोरोना मॉनिटरिंग टीम कोरोना से बचाव के लिए सरकार की रणनीति को जमीन पर उतारने में जुटी है लव अग्रवाल की टीम स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सभी आधिकारिक जानकारी मीडिया को उपलब्ध कराती है।भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना मॉनिट‍रिंग टीम बनाई है। इस टीम में मंत्रालय के संयुक्त सचिव के पद पर तैनात लव अग्रवाल भी शामिल हैं। इस टीम को कोरोना नियंत्रण की कमान सौंपी गई है। इस टीम ने हेल्थ कमेटी भी बनाई है जिसमें विज्ञान एजेंसी और साइंस व बायो टेक्नोलॉजी के एक्सपर्ट हैं। ये कमेटी क्लीनिकल रिसर्च और अन्य काम कर रही है। स्वास्थ्य से संबंधी रणनीति को लव अग्रवाल की टीम के नेतृत्व में जमीन पर उतारा गया है।

आंध्र प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय में अहम भूमिका निभा रहे लव अग्रवाल की पहचान इनोवेटिव आईएएस अफसर की रही है। उनके साथ काम कर चुके लोग बताते हैं कि टेक्नोलॉजी की मदद से स्वास्थ्य सिस्टम को सुधारने में लव अग्रवाल रुचि लेते हैं। वह ऐसे अफसर हैं, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में जागरूकता को बहुत जरूरी मानते हैं।

मूलत: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले लव अग्रवाल आंध्र प्रदेश काडर के आईएएस अफसर हैं। वह आईआइटियन भी हैं। आईआईटी-दिल्ली से 1993 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद लव ने बाद में सिविल सर्विसेज परीक्षा पास की। 1996 में उन्हें आंध्र प्रदेश काडर मिला। आंध्र प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा विभाग के वह निदेशक रहे। उन्होंने वहां शिक्षा के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी काम किया। वह आंध्र प्रदेश में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आयुक्त भी रहे।

46 वर्षीय लव अग्रवाल पर स्वास्थ्य मंत्रालय में ग्लोबल हेल्थ, मेंटल हेल्थ, टेक्नोलॉजी, पब्लिक पॉलिसी की जिम्मेदारी है। वह लीक से हटकर काम करने और योजनाओं को सही तरीके से जनता के बीच ले जाने में यकीन रखते हैं। इसी क्‍वालिटी की वजह से मोदी सरकार उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत के प्रतिनिधित्‍व का मौका दे चुकी है। लव अग्रवाल ने इस साल जनवरी में जी20 देशों के हेल्थ वर्किंग ग्रुप के सम्मेलन में मोदी सरकार की आयुष्मान भारत स्‍कीम पर एक प्रेजेंटेशन दी थी। वह जी20 देशों के लिए डिजिटल हेल्थ टास्क फोर्स बनाने की भी वकालत कर चुके हैं।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में लीक से हटकर चलाई गई कई योजनाओं से कारण लव अग्रवाल सुर्खियों में रहे। वर्ष 2016 के बाद लव अग्रवाल को लगा कि केंद्र सरकार में काम करना चाहिए। उन्होंने प्रतिनियुक्ति मांग ली। अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड रहा है, इसलिए प्रतिनियुक्ति का रास्ता साफ हुआ और मोदी सरकार ने उन्हें 28 अगस्त, 2016 को स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव (जेएस) बनाया। इस पद पर उनकी नियुक्ति पांच साल के लिए हुई है। यानी वह 2021 तक इस पद की जिम्मेदारी निभा सकते हैं।

लव आजकल 15 से 16 घंटे रोजाना काम कर रहे हैं। उनके एक जूनियर के अनुसार वह सबसे पहले ऑफिस आते हैं और फिर सबसे आखिरी में घर जाते हैं। लव बहुत ही अनुशासन वाली जिंदगी जीते है जिसमें एक्‍सरसाइज और योगा का बड़ा योगदान है। लव अग्रवाल की पहचान इनोवेटिव अफसर की रही है। उनके साथी उनके बारे में कहते हैं वे उनकी योग्यता और समझ का कायल हैं। जिस तरह से लव चीजों को संभालते हैं और जिस दबाव में काम करते हैं, उनसे काफी कुछ सीखा जा सकता है। शायद यह उनकी अनुशासित जिंदगी की वजह से है।

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