जब SDM को आधी रात को महिला मित्र से मंदिर में आधी रात रचानी पड़ी शादी, दो अधिकारी बने गवाह

गोरखपुर 12 अक्टूबर 2019। 4 साल तक लिव-इन में रहने के बाद एसडीएम शादी करने से मुकर गए तो अधिकारियों ने मंदिर में शादी कराकर मामला को निपटारा किया। बताया जा रहा है कि तबादला होने के बाद एसडीएम दिनेश कुमार सामान लेने के लिए घर आए थे। लेकिन शादी से इनकार करने पर एसडीएम की लिव-इन पार्टनर डीएम ऑफिस पहुंच गई और उन पर शारीरिक शोषण और दहेज मांगने का आरोप लगाया। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। दिन भर गुपचुप चली प्रशासनिक कवायद के बाद आधी रात को एसडीएम शादी के लिए तैयार हुए।

रात के आठ बजे रजिस्ट्री दफ्तर खुलवाकर शादी कराई गई। रात 12 बजे पडरौना नगर स्थित गायत्री मंदिर का पट खुलवाया गया। पंडित सुरेश मिश्र ने दिनेश कुमार व रेनू की शादी कराई। एसडीएम पडरौना रामकेश यादव व एसडीएम हाटा प्रमोद कुमार तिवारी इस शादी के गवाह बने। प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद सुबह मामला सोशल मीडिया में वायरल हो ही गया। हालांकि अब भी वरिष्ठ अफसर इस मामले में कुछ भी कहने से साफ बच रहे हैं।

वर्तमान में दिनेश कुमार का तबादला कुशीनगर से हापुड़ जिले में हो गया है और वह अपना सामान ले जाने कुशीनगर आए थे। इस मौके पर सदर एसडीएम रामकेश यादव, हाटा के एसडीएम प्रमोद तिवारी समेत कुछ अन्य अधिकारी भी उपस्थिति रहे।

बता दें कि दिनेश कुमार शादीशुदा थे। उनके जीवन में किसी दूसरी महिला के आने की जानकारी उनकी पत्नी को भी हो गई थी। जिसे लेकर दोनों में कहासुनी होने लगी। बात इस कदर बिगड़ गई कि दो साल पूर्व दोनों में तलाक हो गया।

तबादले के बाद सामान ले जाने कुशीनगर आए थे आरोपी एसडीएम

महिला का आरोप सुनकर सब हैरान रह गए। जिले के सभी आला अधिकारी दिन भर बंद कमरे में उसको समझाते रहे मगर वह एसडीएम से शादी के लिए अड़ी रही। बाद में देर रात पडरौना के गायत्री मंदिर में एसडीएम ने युवती से बाकायदा शादी की और प्रशासनिक अधिकारी इस शादी के गवाह बने।

एसडीएम सदर व हाटा बने गवाह

गायत्री मंदिर में हिंदू रीति रिवाज से दिनेश कुमार व उनकी महिला मित्र की शादी के गवाह प्रशासनिक अधिकारी बने। पुजारी सुरेश मिश्र द्वारा संपन्न कराई शादी के गवाह के रूप में एसडीएम सदर रामकेश यादव व एसडीएम हाटा प्रमोद तिवारी मौजूद रहे।

ऐसे हुई थी दाेनों की मुलाकात

दिनेश कुमार आजमगढ़ जिले के गांव बुढ़नपुर के निवासी हैं। जबकि रेनू उनके बगल की गांव की रहने वाली है। चार साल पूर्व बीएड की पढ़ाई के दौरान रेनू को प्रयोगात्मक परीक्षा हेतु मुरादाबाद जाना था। घर के लोगों ने क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारी पद पर कार्यरत दिनेश कुमार से मदद मांगी तो वे परिजनों से उसे फैजाबाद तक बस से भिजवाने को कहे। बकौल रेनू फैजाबाद पहुंचने पर दिनेश कुमार उसे खुद लेने आए और अपने किराए के मकान में ले गए। वहां वे अकेले रहते थे। रात को उन्होंने दूध पीने को दिया। इसके बाद मैं अचेत होने लगी। इसी बीच उन्होंने ने मेरे साथ दुष्कर्म किया। शिकायत पर उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे उससे शादी करेंगे। तब से मैं उनके लगातार संपर्क में थी। खड्डा एसडीएम रहते उन्होंने मुझे अपने साथ भी रखा था। इस दौरान एक दिन शादी के लिए कही तो मारपीट कर उन्होंने खदेड़ दिया।

 

 

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