जब IAS ने ड्राइविंग सीट पर बैठ दौड़ा दी वॉल्वो बस……देख लोगों ने दबा ली दांतों तले अंगुलियां… बसों के लगातार हादसे के बाद इंस्पेक्शन के लिए महिला IAS पहुंची थी

बैंग्लुरू 15 जनवरी 2020। महिला IAS अफसर की दिलेरी ने अधिकारी-कर्मचारी को चौंका दिया। इंस्पेक्शन के लिए पहुंची IAS ने खुद ही वाल्बो बस की ड्राइविंग सीट संभाली और सड़क पर हुए सरपट दौड़ाया। ये पूरा नजारा बैंग्लुरू मेट्रोपॉलिटन ट्रांसफोर्ट कारपोरेसन यानि बीएमटीसी का था, जहां MD सी शिखा मंगलवार को इंस्पेक्शन के लिए आयी थी।

जब वो सैंकड़ों कर्मचारियों व ड्राइवरों की मौजूदगी में इंस्पेक्शन कर रही थी तो एक वाल्बो बस की स्टेयरिंग थाम ली। अफसर को ड्राइविंग सीट पर देख ड्राइवर व कर्मचारी सकते में आ गये, लेकिन चंद मिनटों बाद ही जिस तरह से IAS शिखा ने बस को चलाया, उसने वहां मौजूद लोगों को दांतों तले अंगुली दबाने के लिए मजबूर कर दिया। हाल के दिनों में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी महिला आईएएस अफसर ने निरीक्षण के लिए खुद बस की ड्राइविंग की है।

2004 बैच की आईएएस शिखा को सितंबर 2019 में यहां एमडी का प्रभार सौंपा गया है। लगातार कई दुर्घटनाओं के बाद खुद शिखा ने निरीक्षण करने का निर्णय लिया और कर्मचारियों के सामने ही बस चलाकर उन्हें प्रेरित भी किया। हालांकि आईएएस अफसर की बस चलाते तस्वीर वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने ये कहते हुए सवाल उठाया कि हैवी व्हीकील के लाइसेंस के बगैर ही अफसर ने बस चलायी, जबकि कईयों ने आईएएस अफसर की इस दिलेरी की खूब तारीफ भी की।

हालांकि बीएमटीसी की तरफ से कहा गया है कि आईएएस शिखा के पास हैवी व्हीकील चलाने का लर्निंग लाइसेंस था, लिहाजा वो बस चला सकती थी। बता दें कि बेंगलुरु में करीब 36 लाख यात्री रोज बस की सेवा लेते हैं। इसके लिए करीब 6400 बसें हैं जबकि 14 हजार ड्राइवर हैं।

 

 

Spread the love