क्या खुलेंगे और क्या रहेंगे बंद : लॉकडाउन की सबसे बड़ी खबर…. कौन-कौन से दफ्तर खुलेंगे और कौन सी दुकानें रहेगी बंद….. फैक्ट्री व बस संचालन को लेकर ये हुआ है बड़ा फैसला… पढ़िये पूरी खबर

रायपुर 18 जुलाई 2020। छत्तीसगढ़ की अधिकांश जिला 21 जुलाई से लॉकडाउन होने जा रहा है। हालांकि पूरे प्रदेश में लॉकडाउन को लेकर सरकार का कोई इरादा नहीं है, लेकिन जिस तरह से अधिकांश जिले इसकी चपेट में है लगता नहीं कि लॉकडाउन से किसी भी जिले को रियायत मिलेगी। धमतरी, सुकमा जैसे इक्का-दुक्का जिलों को जरूर इससे राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक में कई अलग-अलग विषयों पर चर्चा की गयी।

लॉकडाउन के फैसले के बाद अब इस बात को लेकर चर्चा होने लगी है कि लॉकडाउन के दौरान किन-किन चीजों की इजाजत दी जायेगी और क्या कुछ कोरोना संक्रमण के मद्देनजर बंद किया जायेगा।

सिर्फ ये दफ्तर ही खुलें रहेंगे

लॉकडाउन अवधि में जिले के अधिकांश दफ्तर बंद रखे जायेंगे। लॉकडाउन में सामान्य कार्यालय बंद रहेंगे, लेकिन अतिआवश्यक सेवाओं से जुड़े दफ्तर खुले रहेंगे। लॉकडाउन अवधि में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े दफ्तर, वाटर सप्लाई, सफाई- व्यवस्था, बिजली और अग्निशमन विभाग के दफ्तर खुलेंगे। एक तिहाई कर्मचारियों को ही दफ्तरों में बुलाया जायेगा। हालांकि निजी संस्थाओं और दफ्तरों को बंद रखने के बारे में कलेक्टर फैसला लेंगे। जिले में संक्रमण के आधार पर संस्थानों को बंद और खोलने का फैसला लिया जायेगा। लॉकडाउन की अवधि में वर्क फॉर होम का आदेश भी कलेक्टर जारी कर सकते हैं। हालांकि ये तमाम बातें जिले में कोरोना मरीजों की संख्या और संक्रमण की रफ्तार पर तय किया जायेगा।

फैक्टरी में मजदूरों की क्षमता कम करनी होगी 

उद्योगों में मजदूरों के लिए शिफ्ट सिस्टम लागू करना होगा, वहीं कम क्षमता के साथ फैक्टरी का संचालन करना होगा। एक साथ सभी मजदूरों को बुलाये जाने के बजाय फैक्टरी संचालक अलटरनेट डे या दो दिन बाद मजदूरों को बुला सकते हैं। मजदूरों को एक साथ आने और एक साथ छुट्टी देकर भीड़ बढ़ाने के बजाय छुट्टी के वक्त में अंतराल रखा जायेगा।

मजदूर हुए पॉजेटिव तो फैक्टरी को कराना होगा इलाज

फैक्ट्री को शर्तों के साथ संचालन की इजाजत होगी। मजदूरों को संक्रमण से बचाने की पूरी जिम्मेदारी फैक्ट्री प्रबंधन की होगी। मजदूरों के लिए ट्रांसपोर्टिंग की व्यवस्था संचालक को करनी होगी। अगर इन सब ऐहितियात के बावजूद कोई मजदूर या कर्मचारी पॉजेटिव पाया जाता है तो उनकी देखभाल और इलाज की पूरी व्यवस्था संचालक को ही करनी होगी।

लॉकडाउन में ये सभी खुले रहेंगे 

लॉकडाउन के दौरान अतिआवश्यक सेवाएं चालू रहेगी। हालांकि जहां खतरा बहुत ज्यादा होगा वहां कलेक्टर अतिआवश्यक सेवाओं की बहाली की व्यवस्था करेंगे। लॉकडाउन में पेट्रोल पंप खुले रहेंगे, अस्पताल व नर्सिंग होम के साथ पशु चिकित्सालय भी खुले रहेंगे। वहीं दवाई की दुकान, दूध और दूध से बने सामान की दुकान, सब्जी बाजार अपने पूर्व निर्धारित वक्त के मुताबिक ही खुलेगी। वहीं मंडी भी पूर्व की भांति संचालित होगा। मालवाहक गाड़ियां का आवागमन लॉकडाउन प्रभावित जिलों में भी जारी रहेगा, हालांकि ये संचालन रात के वक्त में होगा।

मास्क नहीं लगाने पर जुर्माना होगा 

मास्क लगाने का प्रावधान और भी सख्त किया जायेगा। अगर कोई मास्क बगैर दिखेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी और जुर्माना वसूला जायेगा।

कलेक्टर 72 घंटे पहले देंगे सूचना 

प्रदेश में सभी जिलों में एक साथ लॉकडाउन की बाध्यता नहीं होगी। कलेक्टर अपने जिलों की स्थिति से लॉकडाउन पर निर्णय लेंगे। कलेक्टर लॉकडाउन के 72 घंटे पहले इस बात सूचना देंगे कि किस तारीख से जिले में लॉकडाउन लगने जा रहा है।

 

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