शिक्षक व शिक्षाकर्मियों को इस बजट में क्या….. कहीं इस बार भी इंतजार ना रह जाये संविलियन, क्रमोन्नति व वेतन विसंगति, बजट की कमी आयेगी आड़े ….. किसानों के लिए खोलेगी राज्य सरकार अपने खजाने का मुंह

रायपुर 3 फरवरी 2020। .…कहीं संविलियन का इंतजार इस बजट में भी तो अधूरा नहीं रह जायेगा ?….क्या शिक्षकों व शिक्षाकर्मियों की मांगे पूरी होने में अभी वक्त तो नहीं लग जायेगा ?…राज्य सरकार की तरफ से जो संकेत मिल रहे हैं, वो ऐसे ही आसार जता रहे हैं। अब से कुछ देर बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उम्मीदों का पिटारा खोलने वाले हैं। उन पिटारों में किसानों के लिए तो बड़ी सौगात होगी, ये पक्की खबर है, लेकिन कर्मचारियों को सौगात मिलेगी, इसके आसार कम दिख रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बजट पेश करेंगे।

इस बजट से संविलियन से वंचित प्रदेश के 16 हजार से ज्यादा शिक्षाकर्मी जहां संविलियन का इंतजार कर रहे हैं, तो वहीं लाखों व्याख्याता और शिक्षक क्रमोन्नति और सहायक शिक्षक वेतन विसंगति दूर करने की उम्मीदें संजोये हुए हैं। कई दफा इस बारे में सरकार से गुहार लगायी गयी थी। हालांकि आश्वासन तो मिला था, लेकिन बजट आड़े आने की वजह से फिलहाल इन मांगों को आगे टालने के आसार हैं।

हालांकि अभी भी शिक्षाकर्मी और शिक्षक वर्ग उम्मीद कर रहा है कि राज्य सरकार के बजट से उनके लिए जरूर सौगातों की बारिश होगी और होली का तोहफा उन्हें मिलेगा। हालांकि अधिकारिक सूत्र बताते हैं कि धान खरीदी की अंतर राशि के भुगतान में बजट का एक बड़ा हिस्सा जा रहा है, वहीं शिक्षा विभाग के लिए कई उन्नयन और दूरगामी योजनाओं के क्रियान्वयन पर ज्यादा राशि खर्च की जा रही है। हालांकि संविलियन व क्रमोन्नति- वेतन विसंगति को लेकर नजरें इनायत होगी या नहीं, इस पर गहरा सस्पेंस है।

हालांकि शिक्षक व शिक्षाकर्मियों के अलावे कर्मचारियों ने इस बजट से बड़ी उम्मीदें इसलिए लगाये रखी थी, क्योंकि खुद सरकार की तरफ से ये कहा गया था कि पहला साल किसानों का और दूसरा साल कर्मचारियों का होगा। लिहाजा अलग-अलग संघों ने कभी सोशल मीडिया के जरिये, तो कभी ज्ञापन के जरिये अपनी बातों को सरकार तक पहुंचाया, आश्वासन भी मिला। हालांकि अभी भी पुष्ट जानकारी सामने नहीं आ पायी है कि जो आश्वासन मिला है वो वाकर्ई में पूरा किया गया है या नहीं।

 

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