संविलियन का स्वागत…..लेकिन रह गयी क्रमोन्नति का कसक…….रंजय सिंह बोले- नियुक्ति से अब तक एक ही पद पर कार्यरत शिक्षकों के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं….

सूरजपुर 4 मार्च 2020।  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मंगलवार को प्रदेश का बजट प्रस्तुत किया गया जिसमें दो वर्ष पूर्ण कर चुके शिक्षक पंचायत एवं नगरीय निकाय का शासकीय पद पर 1 जुलाई को संविलियन करने की घोषणा की गई जो सराहनीय कदम है जिसका स्वागत है परंतु एक ही पद पर लम्बे समय से कार्यरत्त शिक्षकों हेतु इस बजट में कोई उल्लेख नही है जिससे शिक्षकों के इस बड़े वर्ग में मायूसी है ।

छत्तीसगढ़ सरकार की जन घोषणा पत्र में उल्लेखित सहायक शिक्षक की वेतन विसंगति एवं लम्बे समय से एक ही पद पर कार्यरत्त शिक्षकों हेतु क्रमोन्नति का इंतजार प्रदेश में कार्यरत्त शिक्षकों को अभी भी रह गया है। इन दोनों विषयो पर अभी तक सरकार द्वारा कोई निर्णय नही लिया गया है जिस कारण से इस वर्ग के शिक्षकों के मन मे निराशा है छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री रंजय सिंह ने बताया कि सभी के संविलियन की मांग हमारी प्रमुख मांग थी एवं सरकार की घोषणा का हम स्वागत करते है परंतु साथ मे क्रमोन्नत वेतनमान,वेतन विसंगति,पदोन्नति एवं अनुकंपा नियुक्ति का घोषणा का अभी भी इंतजार रह गया है जिससे इन सभी वर्गों में असंतोष व्याप्त है।

सबसे ज्यादा असंतोष सहायक शिक्षक वर्ग में है क्यों कि दुरस्त अंचल में प्राथमिक शाला की कमान संभाल कर छोटे छोटे बच्चो को शाला से जोड़ कर बच्चों की नीव मजबूत करने का कार्य सहायक शिक्षक करते है उच्च योग्यता रखने के बाद भी पदोन्नति नही होने के कारण सहायक शिक्षक कई वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत्त है सहायक शिक्षक का ग्रेडपेय शिक्षक की अपेक्षा बहुत कम है जिससे इन दोनों के बीच वेतन में अत्यधिक अंतर है। रंजय सिंह ने बताया कि प्राथमिक शाला की सेटअप में शिक्षकों की पदस्थापना संख्या भी बहुत कम है साठ तक कि दर्जसंख्या पर दो शिक्षकों की पदस्थापना का प्रावधान है जो कि छात्र हीत में उचित नही है ।

प्राथमिक शाला में एक से पांच तक कि कक्षा होती है ऐसी स्थिति में समझने की जरूरत है कि दो शिक्षक कैसे कार्य कर पाते होंगे,इसके बाद भी नित्यदिन कुछ ना कुछ जानकारी देना,मध्यान्ह भोजन कराना,दूध पिलाना,आन लाइन जानकारी देना,आन लाइन परीक्षा लेना जैसे कार्यों को शिक्षक वर्ग कुशलता पूर्वक कर के शासन की योजना का सफल क्रियान्वयन कर रहे है जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है बच्चो की नींव मजबूत करने एवं गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने सभी प्राथमिक शाला में कक्षा अनुसार पाँच शिक्षकों की पदस्थापना अत्यंत आवश्यक है तभी ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को उच्च गुणवत्ता युक्त शिक्षा मिल पाना सम्भव होगा।
श्री सिंह ने बताया कि शिक्षक वर्ग को तात्कालिक रूप से क्रमोन्नत वेतनमान दिए जाने से इन सभी वर्गों को आर्थिक लाभ प्राप्त होता एवं सभी मिलकर पूरे मनोयोग से प्रदेश के शिक्षा के स्तर को अच्छा करने में अपना पूरा समय लगा पाते।
छत्तीसगढ़ सरकार को शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण कर गुणवत्ता युक्त शिक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है तभी ग्रामीणो के बच्चो को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पाना सम्भव हो पाएगा ।

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