आषाढ़ माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि, जिसे योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है.
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ-साथ तुलसी के पौधे की विशेष पूजा करना भी शुभ माना जाता है.
योगिनी एकादशी पर तुलसी के पौधे की पूजा सुबह और शाम दो बार करनी चाहिए. इस दिन तुलसी को लाल रंग की चुनरी अर्पित करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है.
तुलसी के पौधे पर कलावा बांधते हुए श्री विष्णु का नाम जपना बहुत ही लाभकारी होता है. इस उपाय से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
शाम के समय तुलसी के पौधे की पूजा करने के बाद घी का दीपक जलाना दरिद्रता को दूर करता है. यह उपाय घर में सुख-शांति का वातावरण बनाए रखने में मदद करता है.
तुलसी के पौधे के पास जल चढ़ाना और मंत्र जप करना विष्णु कृपा प्राप्त करने का एक सरल और प्रभावशाली उपाय है.
एकादशी पर पीपल के वृक्ष की पूजा करके सात परिक्रमा करना पितृ दोष, ग्रह दोष और दरिद्रता से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है.
योगिनी एकादशी पर भगवान विष्णु को मखाने की खीर अर्पित करना विशेष रूप से फलदायक माना जाता है, पंचामृत अर्पित करने से जीवन में शांति और तनाव से मुक्ति मिलती है.