‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में अभिरा और रूही भांग के नशे में धुत रहेंगी। दोनों ‘गंगुबाई काठियावाड़ी’ के गाने 'झूमे रे गोरी' पर खूब डांस करेंगी। इसके बाद दोनों सभी लोगों को पहचानने की कोशिश करेंगी और उन्हें उनके नाम से बुलाएंगी।
दोनों माधव को मधू, काजल को काजू, संजय को संजू, विद्या को वी और मनीषा को शा बुलाएंगी। हालांकि, तमाशा तब शुरू होगा जब दोनों दादी-सा के पास जाएंगी। अभिरा, दादी-सा को कावू-कावू कहकर बुलाएगी। दादी-सा भड़क जाएंगी।
अरमान, अभिरा को रोकने की बहुत कोशिश करेगा। हालांकि, अभिरा चुप नहीं होगी। अभिरा, अरमान काे खडूसमान कहकर बुलाएगी। रूही, अभिरा से लड़ पड़ेगी और कहेगी कि ये खडूसमान नहीं, अरमान है।
अभिरा, रूही का मुंह बंद करने के लिए गुझिया लेकर आएगी, हालांकि गलती से वह गुझिया रूही की जगह दादी-सा के मुंह में डाल देगी। दादी-सा का पारा चढ़ जाएगा। वह अभिरा पर चिल्लाना शुरू कर देंगी।
मनीषा और विद्या, अभिरा के सपोर्ट में सामने आएंगी। विद्या कहेगी, ‘अभिरा से गलती हुई है जैसे रूही से हुई है।’ दादी-सा कहेंगी, ‘छोटे बड़ों को देखकर सीखते हैं विद्या। रूही घर की छोटी बहू है।
छोटी बहू ने वही किया जो बड़ी बहू ने किया।’ विद्या चुप नहीं बैठेगी। वह कहेगी, ‘पर उम्र में तो रूही बड़ी है न मां-सा।
मनीषा और दादी-सा के बीच का झगड़ा खत्म करने के लिए अभिरा अपने और अरमान की शादी का सच बताने का फैसला लेगी। वह नशे में सबके सामने कहेगी, ‘मेरे और अरमान की शादी बस एक….।’
इतना कहते ही अरमान, अभिरा को गले लगा लेगा और उसका मुंह दबा देगा। दादी-सा पूछेंगी, ‘ये क्या कह रही है?’ अरमान कहेगा, ‘वो दादी-सा ये कह रही है कि इसकी और मेरी शादी सिर्फ एक वजह से टिकी है और वो है प्यार।’
’ फूफा-सा भड़क जाएंगे। वह कहेंगे, ‘अरमान बड़ों का कुछ तो लिहाज करो।’ इसके बाद अरमान, अभिरा को लेकर वहां से चला जाएगा।