माधव अकेले में जाकर रोता है तो अभीरा माधव को खुलकर रोने के लिए कहती है क्योंकि रोहित के गायब होने पर माधव सबको संभालने के चक्कर में रो भी नहीं पाया था, जबकि विद्या भगवान की आरती करती है और भगवान का शुक्रिया अदा करती है। इसी बीच दादीसा जश्न का एलान करती है।