मिश्री को दूध में डालकर पीने से दिमाग तेज होता है। यह अवसाद और तनाव को दूर करती है।

गले में खराश और खांसी होने पर आप अदरख के साथ मिश्री का सेवन करें।
मिश्री पित्त का शमन करती है। इसमें डाइजेस्टिव गुण होते हैं। मिश्री अपच, गैस, एसिडिटी आदि से आपको दूर रखती है।
मिश्री में मौजूद कैल्शियम और फास्फोरस जैसे तत्व हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाते हैं।
जिन लोगों को नाक से खून आने की यानि नकसीर की समस्या होती है उनके लिए भी मिश्री का प्रयोग फायदेमंद है।
जिन लोगों को थकान और कमजोरी की शिकायत रहती है, उन्हें मिश्री जरूर खानी चाहिए। इससे उन्हें एनर्जी मिलेगी।
मिश्री वेट लॉस में भी मददगार है। मिश्री के साथ सौंफ का सेवन करने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है।
मिश्री में आयरन की अच्छी मात्रा होती है इसलिए नियमित रूप से इसके सेवन से एनीमिया से राहत मिल सकती है।
शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी दूर करने के लिए रात में सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में मिश्री मिलाकर इसका सेवन करें।
आयुर्वेद के अनुसार मिश्री शरीर में सूजन को कम करने का काम करती है।
इस बात का ध्यान रखें कि प्रतिदिन 5 से 10 ग्राम मिश्री का सेवन करना पर्याप्त है।