क्या आप जानते हैं कि जिसे आप एक मजेदार वीडियो समझकर ढूंढ रहे हैं, वह दरअसल आपको बर्बाद करने के लिए बिछाया गया एक जाल हो सकता है? साइबर एक्सपर्ट्स ने एक बेहद डरावनी चेतावनी जारी की है, जिसे जानना आपके लिए बहुत जरूरी है. आइए जानते हैं...
साइबर अपराधियों ने अब लोगों की जिज्ञासा को हथियार बना लिया है. सोशल मीडिया पर जानबूझकर ऐसे वीडियो को वायरल किया जाता है.
जिनके साथ एक खास समय जुड़ा हो जैसे '7 मिनट 11 सेकंड' या '6 मिनट 39 सेकंड'. यह टाइमिंग लोगों को यकीन दिलाती है कि वीडियो असली है
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन वीडियो के नाम पर जो लिंक्स फैलाए जा रहे हैं, वे दरअसल 'फिशिंग अटैक' और 'मैलेवेयर' का जरिया हैं.
जैसे ही आप इन तथाकथित 'ओरिजनल वीडियो' के लिंक पर क्लिक करते हैं, आपके फोन या कंप्यूटर का कंट्रोल हैकर्स के पास जा सकता है.
हैरान कर देने वाली बात यह है कि इन हालिया वायरल वीडियो का सीधा कनेक्शन पाकिस्तान से बताया जा रहा है. साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि यह भारतीय इंटरनेट यूजर्स की पर्सनल जानकारी चुराने की एक सोची-समझी साजिश हो सकती है. इनका मकसद सिर्फ आपका डेटा चुराना ही नहीं बल्कि बल्कि आपके अकाउंट को खाली करना भी है.
पाकिस्तान के कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए इन वीडियोज के फेक लिंक प्रमोट किए जा रहे हैं. इनका मकसद केवल अश्लीलता फैलाना नहीं, बल्कि भारतीय नागरिकों के डेटा, बैंकिंग डिटेल्स और प्राइवेट फोटो तक पहुंच बनाना है. आप इन एक वीडियो लिंक को क्लिक कर के बुरा फंस सकते हैं.
जनवरी के पहले हफ्ते में उमैर नाम के एक शख्स का वीडियो सामने आया. इसके तुरंत बाद फातिमा जटोई का नाम उछला गया. फातिमा ने तो इस वीडियो को 'फेक' है और इसे AI डीपफेक बताया है. वहीं उन्होंने ये भी बताया कि इसके जरिए उन्हें बदनाम किया जा रहा है.
साल 2025 के अंत में भी भारत में कई इन्फ्लुएंसर्स के वीडियो इसी तरह वायरल हुए थे. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनमें से 90% वीडियो या तो डीपफेक होते हैं या फिर सिर्फ एक 'क्लिकबेट' होते हैं.
जो असल में रियल नहीं होते हैं. इसके साथ ही अश्लील कंटेंट को खोजना या शेयर करना आईटी एक्ट के तहत आपको कानूनी मुश्किल में भी डाल सकता है.