वास्तु शास्त्र की माने तों घंटी की आवाज से वातावरण में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और चारों ओर सकारात्मकता का संचार होता है.
घंटी बजने से मन की चंचलता समाप्त होती है और पूजा या ध्यान के समय मन एकाग्र होता है.
वास्तु अनुसार, घंटी बजाना देवी-देवताओं का आह्वान माना जाता है. इससे ईश्वर का ध्यान जल्दी आकर्षित होता है.
घंटी की ध्वनि से यह संकेत मिलता है कि स्थान अब पवित्र हो गया है और पूजा आरंभ की जा सकती है.
घंटी की ध्वनि वायुमंडल में कंपन पैदा करती है, जो स्थान की ऊर्जा तरंगों को संतुलित और शुद्ध करती है.
शिव मंदिर में घंटा, सूर्य मंदिर में शंख, और दुर्गा मंदिर में बांसुरी बजाने से बचना चाहिए.
वास्तु के अनुसार घंटा घर के पूजा स्थल के बाएं भाग में रखना चाहिए और उसकी नियमित रूप से सफाई तथा पूजा करनी चाहिए.
घंटी बजाने के समय ॐ भूर्भुव: स्व: गरुड़ाय नम: इस मंत्र का जाप करने से और अधिक लाभ होता है