वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा में चढ़े हुए फूलों के कई फायदे, साथ ही इसके कई उपयोग है.
पूजा में चढ़ाए गए सूखे फूलों को कभी न फेंकें, इन फूलों में देवताओं की ऊर्जा समाहित होती है, इन्हें गंगाजल के साथ बहाएं या संभालकर रखें.
गार्डनिंग करने वालों के लिए ये फूल वरदान हैं, सूखे फूलों को गमलों में मिट्टी के साथ मिलाएं, इससे नए पौधे और फूल पनपते हैं जो सौभाग्य लाते हैं.
सूखे फूलों को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें, इससे घर में बरकत बनी रहती है और धन की आवक लगातार होती है.
मंदिर से मिले फूलों को प्रसाद की तरह संभालें, इन्हें खाने योग्य फूल होने पर भोजन में मिलाकर ग्रहण किया जा सकता है, यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है.
गेंदे और गुलाब जैसे फूल शरीर और मन दोनों को शुद्ध करते हैं, इन्हें नहाने के पानी में मिलाने से ऊर्जा शुद्ध होती है.
फूलों को जल में बहाने से भी मिलता है पुण्य, यदि घर में उपयोग न कर सकें तो पवित्र नदी या गमले में बहाएं, कभी भी कचरे में न फेंके.
सूखे फूलों को घर की तिजोरी, अलमारी या पूजाघर में रखें, यह धन, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बनते हैं.
फूलों को अच्छे से सुखाकर उसका पाउडर बनाएं और उससे अगरबत्ती या धूप तैयार करें, यह प्राकृतिक सुगंध और आध्यात्मिक ऊर्जा फैलाता है.
पूजा के फूलों से घर के मुख्य द्वार पर रंगोली या सजावट करें, इससे घर में लक्ष्मी का वास होता है और नकारात्मकता दूर रहती है.