वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की पूर्व, पश्चिम और उत्तर दिशा में कैलेंडर लगाना शुभ माना जाता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और कार्यों में सफलता मिलती है.
दक्षिण दिशा में कैलेंडर लगाना अशुभ होता है. इससे घर के मुखिया की सेहत पर असर पड़ता है और तरक्की में बाधाएं आती हैं.
मुख्य दरवाजे के ठीक सामने या उसके पीछे कैलेंडर लगाना वर्जित माना गया है. इससे घर के सदस्यों के जीवन में परेशानियाँ बढ़ सकती हैं.
पुराने या पिछले साल के कैलेंडर को घर में रखने से कार्यों में अड़चनें आती हैं. इसे तुरंत हटा दें और कभी भी पुराने कैलेंडर के ऊपर नया कैलेंडर न लगाएं.
कटा-फटा या पुराना कैलेंडर घर की नेगेटिव एनर्जी को बढ़ाता है. ऐसे कैलेंडर को तुरंत बदल देना चाहिए.
उत्तर दिशा में झरने, हरियाली या शुभ विवाह से जुड़ी तस्वीरों वाला कैलेंडर लगाना बेहद शुभ माना जाता है. इससे सौभाग्य और धन का आगमन होता है.
वास्तु के अनुसार सुनहरे, स्लेटी, हरे या सफेद रंग का कैलेंडर लगाना घर में सुख-समृद्धि और आर्थिक उन्नति लाता है.
ऐसे कैलेंडर जिनमें दुखी चेहरे, युद्ध या हिंसक दृश्य हों, उन्हें घर में न लगाएं. इससे मन और वातावरण दोनों प्रभावित होते हैं.