वास्तु शास्त्र भी इस बात पर विशेष जोर देता है कि धन का आदान-प्रदान किस दिन किया जाए और किन दिनों में इससे परहेज करना बेहतर होता है। मान्यता है कि हर दिन की अपनी अलग ऊर्जा होती है, जो हमारे आर्थिक फैसलों और धन प्रवाह को प्रभावित करती है।
वास्तु के अनुसार कुछ दिन ऐसे होते हैं, जब पैसों का लेन-देन समृद्धि बढ़ाता है, वहीं कुछ दिनों में किया गया लेन-देन मां लक्ष्मी की नाराजगी का कारण बन सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं...
वास्तु शास्त्र के अनुसार, सोमवार, गुरुवार और शुक्रवार पैसों के लेन-देन के लिए विशेष रूप से शुभ होते हैं। इनमें शुक्रवार का दिन सबसे ज्यादा महत्व रखता है, क्योंकि यह मां लक्ष्मी और शुक्र ग्रह से जुड़ा माना जाता है।
शुक्र ग्रह ऐश्वर्य, सुख-सुविधा और आर्थिक मजबूती का प्रतीक है। इसलिए शुक्रवार को किया गया धन संबंधी लेन-देन व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को स्थिर और मजबूत बनाने में सहायक माना जाता है।
वहीं सोमवार भगवान शिव को और गुरुवार भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इन दोनों दिनों में किया गया लेन-देन शुभ फल देता है और धन संबंधी बाधाओं को कम करने में मदद करता है।
वास्तु के अनुसार, शनिवार को पैसों के लेन-देन से बचना चाहिए। यह दिन शनि देव से संबंधित होता है, जिन्हें कर्म और न्याय का देवता माना जाता है।
मान्यता है कि शनिवार के दिन धन का लेन-देन करने से आर्थिक स्थिरता प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा मंगलवार को भी उधार देने या लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इस दिन दिया गया पैसा लंबे समय तक वापस न मिलने की संभावना रहती है। दिनों के साथ-साथ कुछ तिथियों को भी धन के लेन-देन के लिए अशुभ माना गया है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार अमावस्या के दिन पैसों का लेन-देन नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस तिथि पर किया गया आर्थिक व्यवहार नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है और धन संबंधी अस्थिरता पैदा कर सकता है।