हिंदू धर्म में रसोई को लेकर बहुत सारी महत्वपूर्ण बाते कही गई है, लेकिन क्या जानते है शास्त्रों के अनुसार, किन दिनों में रोटी नहीं बनाना चाहिए, जिसके चलते घर में गरीबी जैसे परेशानी और नकारात्मक ऊर्जा पीछा कराती रहती है. तो आइए जानते है...
इस दिन किचन में चूल्हे पर तवा भूलकर भी न रखें. माना जाता है कि तवा नाग देवता का प्रतीक है.
तवे पर रोटी बनाने से नाग देवता नाराज हो सकते हैं . इससे परिवार पर मुसीबत आ सकती है. इस दिन कड़ाही या पतीले में खाना बनाएं.
यह रात धन की देवी लक्ष्मी जी के आने की रात है. इस दिन रोटी नहीं, बल्कि चावल की खीर बनानी चाहिए. खीर को रात भर चांद की रोशनी में रखना बहुत शुभ माना जाता है, इससे घर में सुख-समृद्धि आती है.
इस दिन माता शीतला को ठंडा खाना (बासी भोजन) भोग लगाया जाता है. इसलिए, इस दिन घर में ताजा खाना या रोटी नहीं बनती. सब लोग एक दिन पहले का बना ठंडा खाना ही खाते हैं. शीतला अष्टमी के एक दिन पहले ही रोटी बना कर रख लें.
दीपावली के दिन रोटी बनाना बहुत अशुभ माना जाता है. लक्ष्मी जी का स्वागत करने के लिए इस दिन खास पकवान जैसे हलवा, खीर, पूरी और मिठाइयां बनाई जाती हैं. साधारण रोटी बनाने से लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं.
अगर घर में किसी की मौत हो जाए, तो जब तक तेरहवीं न हो जाए, घर में रोटी नहीं बनती.
यह शोक का समय होता है. इस दौरान बाहर से आया खाना या जो पहले से बना हो, वही खाया जाता है.इस समय रसोइ बंद रखें.