हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है. ऐसी मान्यता है कि एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को बैकुंठ में स्थान प्राप्त होता है.
हर माह में 2 बार एकादशी का व्रत रखा जाता है. इस तरह से साल में कुल 24 एकादशी आती हैं. अप्रैल माह में वरुथिनी एकादशी मनाई जाएगी.
वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली वरुथिनी एकादशी का विशेष महत्व होता है, भगवान विष्णु की पूजा करने से पापों से मुक्ति और सौभाग्य मिलता है.
हर साल की तरह इस साल भी वरुथिनी एकादशी की सही तिथि को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. तो चलिए जानते हैं सही डेट.
हिंदू पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 12-13 अप्रैल की मध्य रात्रि यानी रात 13 अप्रैल की सुबह 1:17 बजे से शुरू होगी और रात 1:09 बजे 13 अप्रैल तक रहेगी.
ऐसे में इस साल वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल को रखा जाएगा. क्योंकि हिंदू धर्म में कोई भी व्रत उदया तिथि के अनुसार रखा जाता है.
वरुथिनी एकादशी की पूजा का मुहूर्त 13 अप्रैल, प्रातः 4:28 से 5:13 बजे तक रहेगा, और अभिजीत मुहूर्त 11:56 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा.
वरुथिनी एकादशी के पारण का समय 14 अप्रैल 2026 की सुबह 05:57 बजे से 10:18 बजे के बीच रहेगी.