18 सितंबर दिन बुधवार से पितृपक्ष की शुरुआत हो गई है.

पितृपक्ष में लोग अपने मृत परिजनों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक कर्मकांड करते हैं.
इस साल पितृ पक्ष का शुरुआत और अंत ग्रहण के अशुभ संयोग से हो रही है.
पितृपक्ष के पहले दिन 18 सितंबर 2024 को साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगा.
चंद्र ग्रहण के 15 दिन बाद 2 अक्टूबर को साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लगेगा.
सूर्य ग्रहण 2 अक्तूबर की रात 9 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा और रात 3 बजकर 17 मिनट पर ख़त्म होगी.
सूर्य ग्रहण के दिन सर्वपितृ अमावस्या (आश्विन अमावस्या ) है. साथ ही सूर्य और शनि के बीच षडाष्‍टक योग बन रहा है
रात में ग्रहण लगने के कारण इसका असर भारत में नहीं होगा.
कुछ राशियों पर सूर्यग्रहण का बुरा प्रभाव पड़ सकता है. वे राशियां कन्‍या, वृश्चिक, कर्क है. इन्हे सावधान रहने की आवश्यकता है.
धार्मिक दृष्टि से सूर्य ग्रहण को अशुभ माना जाता है लेकिन भारत नहीं दिखाई देने के कारण पितृपक्ष के क्रियाक्रम निश्चिंत होकर कर सकते हैं
सूर्य ग्रहण अर्जेंटीना, प्रशांत महासागर, आर्कटिक, दक्षिणी अमेरिका, पेरू और फिजी आदि देशों में देखा जाएगा।
भारत में ग्रहण नहीं दिखने के कारण सूतक काल भी मान्य नहीं होगा.