सिंदूर का महत्‍व सुहागिन महिलाओं के जीवन में सबसे खास होता है. सिंदूर उसके विवाहित होने की निशानी है.

सिंदूर लगाने के लिए शास्‍त्रों में कुछ विशेष नियम बताए गए हैं. जिनका पालन करने से वैवाहिक जीवन सुखी होगा तो चलिए जानते हैं.
सुहागन महिलाओं को रोजाना मांग में सिंदूर लगाना चाहिए, खासकर पूजा-पाठ के दौरान, और इसे नाक की सीध में लगाना शुभ माना जाता है.
सिंदूर लगाने से पहले माता पार्वती का ध्यान करना चाहिए.
सिंदूर को अनामिका उंगली (रिंग फिंगर) से लगाना चाहिए.
सिंदूर लगाते समय आपका मुख पूर्व - उत्तर दिशा या ईशान कोण में होना चाहिए.
सिंदूर को मांग में अच्छे से भरना चाहिए, यह सौभाग्य और पति की तरक्की के लिए शुभ होता है.
सिंदूर लगाने के बाद महिलाओं को सबसे पहले अपने पति का चेहरा देखना चाहिए.
मान्यताएं यह भी हैं कि सूर्यास्त के बाद सिंदूर नहीं लगाना चाहिए.
पवित्रता और शुद्धता बनाए रखने के लिए सिंदूर हमेशा स्नान के बाद ही लगाना चाहिए.
सिंदूर न हमेशा बैठकर और सिर ढककर लगाना चाहिए.
सिंदूर कभी सार्वजनिक रूप से या दूसरों के सामने सिंदूर नहीं लगाना चाहिए।