कौन था हुसैन उस्तरा, अपराध की दुनिया का वो नाम जिसने मचाया था भूचाल
शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की अदाकारी वाली फिल्म 'ओ रोमियो' आज, 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई. 'ओ रोमियो' एक अंडरवर्ल्ड की कहानी है. जिसने अपराध की दुनिया से ऐसा भूचाल मचाया हर कोई उनसे डरते थे. तो आइए जानते है इनकी असल कहानी...
गैंगस्टर हुसैन उस्तरा का असली नाम हुसैन शेख था. वह मुंबई के आस-पास के इलाकों में जबरन वसूली डराना-धमकाना, के जरिए अंडरवर्ल्ड में आया. और आखिर में वह एक कॉन्ट्रैक्ट किलर बन गया.
हुसैन उस्तरा बेहद कम उम्र में ही उसने एक बहुत ही हिंसक लड़ाई के दौरान अपने दुश्मन को उस्तरा से मारा था, जिसके बाद उसे ‘उस्तारा’ नाम दिया गया था.
दरअसल, उस्तरा उस दौर में दाऊद इब्राहिम से अलग पहचान बनाना चाहता था. उस समय बहुत कम लोग दाऊद के प्रभाव का सामना करते थे और उस्तरा अपनी इसी पहचान के लिए जाना जाता था.
हुसैन उस्तरा और दाऊद के बीच झगड़ा हितों के टकराव की वजह से हुआ. कोई भी पक्ष अपने ऊपर दूसरे का अधिकार नहीं चाहता था.
जब हुसैन अकेले काम करता था, तो दुश्मनी ताकत की लड़ाई में बदल गई. इससे अंडरवर्ल्ड में उस्तरा का रुतबा और मजबूत हो गया. हुसैन उस्तरा की 1998 में मौत हो गई.
एक बार हुसैन उस्तरा ने हुसैन जैदी से बताया था कि सपना दीदी (अफशां) उनसे मिली थीं. 1986 में वह अशरफ के नाम से जानी जाती थीं.
अशरफ को बताया गया कि उनके पति महमूद को दाऊद के लोगों ने मार दिया. ऐसे में अशरफ, दाऊद को मारने चाहती थीं. इसलिए वह हुसैन उस्तरा से मिलीं.
रिपोर्ट्स के अनुसार हुसैन नेसपना दीदी को कड़ी ट्रेनिंग दी, फिजिकल लड़ाई, मोटरबाइक चलाना और हथियार चलाना सिखाया. फिल्म ओ रोमियो में इस रोल में तृप्ति डिमरी नजर आई हैं. हालांकि मेकर्स का कहना है कि ये फिल्म काल्पनिक है.