निर्जला एकादशी व्रत साल की सभी 24 एकादशी में से सबसे कठिन और पुण्यदायी एकादशी मानी जाती है.
निर्जला एकादशी व्रत को लेकर कई सारे नियम बताये गए है जिनका पालन सभी को करना चाहिए.
अगर आपने नियम का पालन नहीं किया तो आपका व्रत भंग हो सकता है तो चलिए जानते हैं निर्जला एकादशी व्रत के दिन क्या न करें.
जैसा कि नाम से ही पता चलता है यह निर्जला व्रत है, इस दिन व्रती भूलकर भी अन्न या जल का ग्रहण न करें.
इस दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए, तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय है, तुलसी तोड़ने से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु नाराज होते हैं.
अगर आप निर्जला एकादशी का व्रत रख रहे हैं तो बिस्तर पर न सोएं. जमीन पर सोना शुभ माना जाता है.
एकादशी के दिन बाल कटवाना, नाखून काटना या शेविंग करना अशुभ माना जाता है.
निर्जला एकादशी व्रत के दिन किसी का भी अपमान न करें, झूठ न बोलें, क्रोध न करें, अपशब्द का प्रयोग न करें.
निर्जला एकादशी व्रत के दिन मन में नकारात्मक विचार न रखें और वचन-कर्म-मन से शुद्धता बनाए रखें.