30 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है. जो छह अप्रैल तक मनाया जाएगा.
नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूरे नौ दिनों तक पूजा-अर्चना की जाती है. नौ दिन माता को अलग अलग प्रसाद का भोग लगाया जाता है.
महाअष्टमी और महानवमी तिथि पर कंजक (कन्या भोजन ) कराया जाता है. जिसमे माँ को हलवा - पूरी और चने की सब्जी चढ़कर कन्याओं को खिलाने की परम्परा है.
लेकिन क्या आप जानते हैं आखिर अष्टमी और नवमी तिथि पर हलवा - पूरी क्यों चढ़ाया जाता है, तो चलिए जानते हैं.
हलवा और पूरी को सात्विक भोजन माना जाता है जो न मानव शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है.
नवरात्रि में हलवा और पूरी का भोग लगाने से माँ दुर्गा प्रसन्न होती है जिससे जीवन में सकारात्मकता आती है.
माना जाता है हलवे में सूर्य और मंगल के गुण वहीँ पूरी में चंद्रमा, बृहस्पति और शुक्र के गुण होते हैं. अगर कुंडली में ग्रहों की दशा खराब है, तो ऐसे में आप मां दुर्गा को हलवा - पूरी चढ़ा सकते हैं.
माता दुर्गा को हलवा और पूरी भोग लगाने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है.
अगर मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है तो हलवे का भोग लगाने से शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं.
मान्यता है हलवा और पूरी का भोग लगाने से मानसिक शांति प्राप्त होती है.