गर्मियों के बढ़ते ही प्यास भी तेजी से बढ़ जाती है. हर कोई ठंडा पानी पीकर राहत पाना चाहता है. लेकिन हर बार फ्रिज का पानी पीना सही नहीं होता. यह गले और सेहत पर असर डाल सकता है.
जूस और कोल्ड ड्रिंक से भले ठंडक मिले. लेकिन असली ताजगी पानी ही देता है. अगर पानी ठंडा और प्राकृतिक हो तो मजा दोगुना हो जाता है. यहीं काम आता है देसी तरीका.
पहले के समय में लोग मटके का पानी पीते थे. यह पानी ठंडा ही नहीं, बल्कि हेल्दी भी होता है. मटके की मिट्टी प्राकृतिक ठंडक बनाए रखती है. इसी वजह से यह आज भी फायदेमंद है.
अगर आप नया मटका लाते हैं तो पहले उसे साफ करें. 2-3 बार पानी से धोना जरूरी होता है. ध्यान रखें कि अंदर हाथ न डालें. फिर मटका भरकर ढक्कन लगाकर रख दें.
पहली बार भरा गया पानी पीने के लिए सही नहीं होता. मटका अपने पोर्स से पानी सोख लेता है. इस पानी को पौधों में डाल देना बेहतर रहता है. इसके बाद ही ताजा पानी इस्तेमाल करें.
अगर आप पानी को मीठा बनाना चाहते हैं, तो मटके में थोड़ा सेंधा नमक डालकर घुमाएं. कुछ घंटों बाद उसे धो लें. इससे पानी का स्वाद बेहतर हो जाएगा.
अब बात आती है पानी को और ठंडा करने की, इसके लिए मटके के नीचे गीली मिट्टी रखें. आप रेत या मिट्टी भरे बर्तन का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे आसपास ठंडक बनी रहती है.
मटके को हमेशा ठंडी और हवादार जगह पर रखें. सीधी धूप से दूर रखना जरूरी है. इससे पानी ज्यादा देर तक ठंडा रहता है. और स्वाद भी बना रहता है.
मटके की सफाई का भी खास ध्यान रखें, इसे अंदर से हाथ डालकर साफ न करें. बाहर से कपड़े या ब्रश से साफ करें. इससे मटका लंबे समय तक सही रहता है.
इन आसान तरीकों से आप घर पर ठंडा पानी पा सकते हैं. बिना फ्रिज के भी बेहतरीन ठंडक मिलेगी. साथ ही पानी का स्वाद भी बढ़ जाएगा. और सेहत भी बेहतर बनी रहेगी.