हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है.
14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जायेगा.
14 जनवरी को सूर्य देव भगवान सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं.
पर क्या आप जानते हैं इस दिन किसी मृत्य होने से क्या होता है.
मान्यता हैं कि उत्तरायण में मरने वालों को मोक्ष मिलता है उनके लिए स्वर्ग के द्वार खुले होते हैं. सीधे भगवान के चरणों में जगह मिलती है.
क्युकी सूर्य देव जब उत्तरायण होते हैं, तो स्वर्ग के द्वार खुल जाते हैं इतना ही नहीं इसे देवताओं का काल कहा जाता है.
जबकि दक्षिणायन में प्राण त्यागने वालों को पुनर्जन्म लेना पड़ता है. उन्हें जन्म-मरण के चक्र से गुजरना होता है.
महाभारत के पितामह भीष्म जब रणभूमि में बुरी तरह घायल हुए थे, फिर भी असहनीय पीड़ा में रहे लेकिन सूर्य देव के दक्षिणायन में होने के कारण प्राण नहीं त्यागे सूर्य देव जब उत्तरायण हो गए तब उन्होंने प्राण त्यागे.