टीवी का सुपरहिट शो ‘अनुपमा’ में आप देखेंगे कि अनुपमा का रास्ता रोककर जया को नुकसान पहुंचाने की धमकी देता है, यह सुनते ही अनुपमा का गुस्सा फूट पड़ता है. वो सड़क पर ही पॉल को सबक सिखा देती है.
दूसरी ओर दिग्विजय अपने बेटे से घर को लेकर बहस करता है, वो साफ कहता है कि ये घर उसकी यादों से जुड़ा हुआ है. लेकिन रणविजय इस बात को मानने से इंकार कर देता है, वो अपने ही पिता को धमकाने लगता है.
घर लौटते ही अनुपमा को बंकू की हालत देखकर झटका लगता है, बंकू बताता है कि उसे डराने के लिए गुंडे भेजे गए थे. यह सुनकर अनुपमा बेहद परेशान हो जाती है, उसे आज के बच्चों का व्यवहार चुभने लगता है.
अनुपमा तुरंत जया के बारे में पूछती है, लेकिन उसे पता चलता है कि जया कहीं बाहर चली गई है. जब वो खोजने निकलती है, तो सच्चाई और भी डरावनी होती है. जया का कोई सुराग नहीं मिलता.
इसी बीच शाह हाउस में खुशियों की एंट्री होती है. राही और प्रेम एक बड़ी खुशखबरी लेकर आते हैं. माही की ज्वैलरी डिजाइन को मंजूरी मिल जाती है. घर में खुशी का माहौल बन जाता है.
लेकिन इस खुशी के बीच अंश को अपनी बेटी की याद सताती है, उसकी भावनाएं कहानी में एक नया मोड़ जोड़ती हैं. हर किरदार अपनी-अपनी उलझनों में फंसा हुआ है. कहानी भावनाओं और तनाव से भरती जा रही है.
उधर रोजी एक खतरनाक चाल चलती है, वो जया को झूठ बोलकर अपने जाल में फंसा लेती है. जया जैसे ही एक घर में पहुंचती है, उसे बंद कर दिया जाता है. अंधेरे में फंसी जया डर से कांपने लगती है.
जया लगातार अनुपमा को पुकारती रहती है, वहीं अनुपमा उसे ढूंढने के लिए हर जगह भटकती है. बंकू और दिग्विजय भी उसकी मदद करते हैं, लेकिन जया का कोई पता नहीं चलता.
आखिर में अनुपमा पॉल और रोजी के सामने गिड़गिड़ाती है, वो अपनी सजा भुगतने की बात कहती है, बस जया को छोड़ने के लिए, तभी उसे जया का पेंसिल बॉक्स नजर आता है. अब देखना होगा कि क्या अनुपमा अपनी बेटी को बचा पाएगी.