कब है जया एकादशी, इस दिन दान करने से चमक जाती है किस्मत

हिंदू मान्यता है कि जया एकादशी व्रत को करने वाले साधक पर पूरे साल भगवान विष्णु की कृपा बरसती है और उसके सारे काम समय पर मनचाहे तरीके से पूरे होते हैं. माघ मास में पड़ने वाली जया एकादशी पर दान करने पर साधक को तीन गुना ज्यादा फल मिलता है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
जया एकादशी व्रत कब है:- 29 जनवरी 2026, गुरुवार जया एकादशी व्रत का पारण का समय : 30 जनवरी 2026 की सुबह 06:41 से 08:56 बजे के बीच में माघ मास के शुक्लपक्ष की एकादशी प्रारंभ. 28 जनवरी 2026, बुधवार की शाम 04:35 बजे माघ मास के शुक्लपक्ष की एकादशी समाप्त : 29 जनवरी 2026, गुरुवार को दोपहर 01:55 बजे.
जया एकादशी व्रत के 7 नियम:- 1. जया एकादशी व्रत करने वाले साधक को इस दिन देर तक नहीं सोना चाहिए, बल्कि भोर में उठकर स्नान-ध्यान करके सूर्य नारायण को अर्घ्य देना चाहिए.
2. एकादशी व्रत वाले दिन पीले रंग या फिर उजले रंग के कपड़े पहनें. भूलकर भी काले रंग के कपड़े पहनने की गलती न करें.
3. एकादशी व्रत वाले दिन भूलकर भी तुलसी न तोड़ें. भगवान विष्णु की पूजा के लिए तुलसी दल पहले से ही तोड़कर रख लें.
4. एकादशी व्रत करने वाले साधक को भूलकर भी चावल और तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए.
5. भगवान विष्णु की कृपा बरसाने वाले एकादशी व्रत में उनकी पूजा करते समय कथा का पाठ और आरती जरूर करें. ध्यान रहे कि यह व्रत तब तक अधूरा रहता है जब तक इसका अगले दिन शुभ मुहूर्त में पारण न किया जाए.
6. जया एकादशी व्रत करने वाले साधक को विशेष रूप से ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
7. जया एकादशी व्रत वाले दिन खाली समय में किसी की आलोचना या निंदा करने की बजाय भजन, कीर्तन, मंत्र जप आदि करें.