जटामांसी नर्वस सिस्टम को स्ट्राॅन्ग करती है। साथ ही मानसिक समस्याओं जैसे डिप्रेशन, एंग्ज़ाइटी, अनिद्रा, भूलने की समस्या आदि में बेहद फायदेमंद है।

यह माइग्रेन की पीड़ा को कम करती है और याददाश्त बढ़ाती है।
जटामांसी पाचन के लिए भी बहुत अच्छी है। ये मेटाबॉलिज्म बढ़ाती है, भूख को खोलती है और एसिडिटी, ब्लोटिंग, गैस से राहत देती है।
इसके सेवन से हार्ट बीट नियमित होती है। जटामांसी में एंटी-हाइपरटेंसिव गुण पाए जाते हैं। यह हाई बीपी से राहत देती है।
जटामांसी मूत्र वर्धक है। साथ ही यूरिन से संबंधित समस्याओं जैसे जलन, फ्लो कम होना आदि से लेकर ब्लैडर इंफेक्शन में भी फायदेमंद है।
जटामांसी पुरुषों में इनफर्टिलिटी को दूर करती है।
यह महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होने वाली दिक्कतें जैसे अत्यधिक दर्द, मरोड़, फ्लो कम होना आदि को दूर करती है।
जटामांसी चेहरे का ग्लो बढ़ाती है। काॅम्प्लेक्शन को बेहतर करती है और स्किन डिसीज़ से राहत देती है।
जटामांसी के तेल के लेप से जोड़ों के दर्द और अन्य पीड़ाओं से राहत मिलती है।
जटामांसी का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। इसके एक से दो ग्राम चूर्ण का सेवन आप आधा से एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर कर सकते हैं।