जामुन में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, पोटैशियम, सोडियम, फास्फोरस, प्रोटीन आयरन, मैग्‍नीशियम, और विटामिन्स के साथ फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं।

जामुन खाने से मसूड़ों और दांतों से जुड़ी परेशानियां जैसे मसूड़ों की सूजन,उनसे खून आना, पायरिया, सेंसिटिविटी जैसी समस्याएं ठीक होती हैं।
जामुन पाचन से जुड़ी समस्याओं जैसे अजीर्ण, अपच, मल त्याग में परेशानी आदि को दूर करता है। यह डायरिया और डीसेंट्री को ठीक करता है।
जामुन के सेवन से बार-बार आने वाली खट्टी डकार,एसिडिटी जैसी परेशानियां भी दूर होती हैं।
जामुन के सेवन से आंत के घाव ठीक होते हैं और मल में खून आने जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।
जामुन में एंटी डायबिटिक गुण होते हैं। इसके सेवन से ब्लड शुगर का लेवल नियंत्रित रहता है और यह इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करता है।
जामुन आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया की संख्या को बढ़ाता है और हानिकारक बैक्टीरिया को कम करता है।
जामुन लिवर के लिए भी बहुत फायदेमंद हैं। इसमें पाए जाने वाले फ्लेवेनाॅइड्स और फैनोलिक कंपाउंड्स की वजह से जाम हुआ पित्त नलियों के माध्यम से बाहर निकल जाता है। जामुन के नियमित सेवन से पीलिया से राहत मिलती है।
अपने डाइयूरेटिक एक्शन (मूत्र वर्धक प्रभाव ) के चलते यह छोटे-छोटे किडनी स्टोन को यूरिन के माध्यम से बाहर निकालने में मदद करता है।
जामुन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और वजन नियंत्रित रखता है। इसके अलावा जामुन का सेवन करने से हृदय रोग, स्ट्रोक, आदि बीमारियों में भी लाभ होता है।