Honda ने अपनी इलेक्ट्रिक वाहन रणनीति में बड़े बदलाव का ऐलान किया है. कंपनी को अगले दो वर्षों में भारी वित्तीय नुकसान की चेतावनी देनी पड़ी है.
होंडा ने करीब 2.5 ट्रिलियन येन यानी लगभग 15.7 बिलियन डॉलर के नुकसान का अनुमान जताया है. यह नुकसान EV बाजार की धीमी रफ्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के कारण सामने आया है.
कंपनी को चालू वित्त वर्ष में 360 से 630 अरब येन तक का शुद्ध घाटा होने की उम्मीद है. पहले जहां मुनाफे का अनुमान था, अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं.
यह 1950 के दशक के बाद पहली बार होगा जब होंडा को सालाना घाटा झेलना पड़ेगा. कंपनी ने खुद माना कि बदलते बाजार के हिसाब से वह तेजी से एडजस्ट नहीं कर पाई.
अमेरिका में EV डिमांड उम्मीद से काफी कम रही है, जिससे कंपनी को बड़ा झटका लगा है. Toshihiro Mibe ने कहा कि मांग अनुमान से आधी रह गई.
होंडा ने उत्तरी अमेरिका के लिए तीन नए EV मॉडल लॉन्च करने की योजना रद्द कर दी है. इनमें Honda 0 SUV, Honda 0 Saloon और Acura RSX जैसे मॉडल शामिल थे.
अब कंपनी इलेक्ट्रिक की जगह हाइब्रिड वाहनों पर ज्यादा फोकस करने की तैयारी में है. यह बदलाव बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए लिया गया है.
चीन में भी होंडा को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय कंपनियां तकनीक और सॉफ्टवेयर में तेजी से आगे बढ़ रही हैं.
EV सेक्टर में वैश्विक स्तर पर पहले ही 65 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हो चुका है. Ford Motor Company और Stellantis जैसी कंपनियां भी इससे प्रभावित हैं.
कंपनी के CEO ने जिम्मेदारी लेते हुए वेतन में कटौती का फैसला लिया है. साथ ही Sony के साथ EV प्रोजेक्ट पर भी अब पुनर्विचार किया जा रहा है.