हिंदू ज्योतिषियों के मुताबिक, दुनिया भर में 4 मार्च 2026 को होली मनाया जाएगा. लेकिन पूर्व चंद्र ग्रहण के चलते है होलिका दहन को लेकर लोग बहुत ज्यादा कंफ्यूज हो गए है 2 मार्च है क्या फिर 3 मार्च को... ऐसा इसलिए क्यों कि उसी दिन चंद्र ग्रहण और होलिका दहन दोनों एक साथ है, तो आइए जानते है कब है...
फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च 2026 को शाम 5 बजकर 55 मिनट से होगी और यह 3 मार्च को शाम 4 बजकर 40 मिनट तक रहेगी.
इसी दौरान भद्रा भी लग रही है. 2 मार्च की शाम 5:55 बजे से भद्रा शुरू होकर 3 मार्च की सुबह 5:32 बजे तक रहेगी.
भद्रा काल में शुभ कार्य नहीं किए जाते, इसलिए होलिका दहन भद्रा समाप्त होने के बाद ही किया जाएगा.
ज्योतिषियों के अनुसार, 3 मार्च को होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 22 मिनट से रात 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा.
ज्योतिषियों के अनुसार, 3 मार्च 2026 को चंद्रग्रहण भी लगेगा, जो दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा.
यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा. ग्रहण का सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो जाएगा.
इसी कारण 3 मार्च को रंग खेलने की परंपरा नहीं होगी और 4 मार्च को रंगभरी होली मनाई जाएगी.