अगर आप इस सर्दियों में डायबिटीज को रिवर्स करना चाहते हैं और जिद्दी मोटापे से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो गेहूं की जगह बाजरा, रागी और ज्वार के आटे की रोटी जरूर खाए, इस ठंड के मौसम में न केवल आपके शरीर को गर्म रखेगा, बल्कि आपको इतना फायदा देगा की आपने कभी सोचा नहीं होगा. तो आइए जानते है...
ये 3 मोटे अनाज की रोटियां आपके ब्लड शुगर लेवल को 12% तक कम करने और लिवर से एक्स्ट्रा फैट हटाने में भी मदद करते हैं, वजन घटाने और डायबिटीज कंट्रोल के लिए यह बेस्ट विंटर डाइट है. आगे जानिए और इसके क्या-क्या फायदे है...
ठंड के मौसम में बाजरा खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है. यह न केवल शरीर को अंदरूनी गर्मी देता है, बल्कि इसमें मौजूद प्रोटीन और आयरन एनीमिया यानी खून की कमी से भी बचाते हैं.
बाजरा जैसे मोटे अनाज न केवल टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करते हैं, बल्कि जो लोग पहले से डायबिटिक हैं, उनके HbA1c लेवल में 12 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई. इसका हाई फाइबर कंटेंट पेट को लंबे समय तक भरा रखता है.
रागी में कैल्शियम की मात्रा दूध से भी तीन गुना अधिक होती है. वजन घटाने वालों के लिए रागी किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि इसमें फैट की मात्रा न के बराबर होती है.
रागी में हाई लेवल में पॉलीफेनोल्स पाए जाते हैं, जो स्टार्च के डाइजेशन की स्पीड को स्लो कर देते हैं. इससे खाने के बाद शुगर का लेवल एकदम से नहीं बढ़ता.
रागी में मौजूद 'मेथियोनिन' और 'लेसिथिन' जैसे अमीनो एसिड लिवर से एकस्ट्रा फैट को हटाने में मदद करते हैं, जिससे पेट की चर्बी तेजी से घटती है.
ज्वार एक ऐसा अनाज है जो डाइजेशन में बहुत हल्का होता है लेकिन एनर्जी से भरपूर होता है. यह पूरी तरह से ग्लूटेन-फ्री है, जिससे उन लोगों को खासतौर फायदा होता है जिन्हें गेहूं से पेट फूलने या ब्लोटिंग की समस्या होती है.
ज्वार के छिलके में '3-डीऑक्सीएंथोसायनिडिन्स' नाम का एक दुर्लभ एंटीऑक्सीडेंट होता है. यह एंटीऑक्सीडेंट न केवल शरीर में सूजन को कम करता है, बल्कि कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में भी मदद करता है.