हलीम के बीज अनियमित पीरियड्स को नियमित करने में बहुत मदद कर सकते हैं।
हलीम के बीजों में पर्याप्त मात्रा में फोलिक एसिड होता है जो महिलाओं की कंसीव करने (गर्भधारण) की क्षमता बढ़ाता है।
अगर नई मां के शरीर में कम दूध बन रहा हो तो उनकी डाइट में हलीम के बीज शामिल करें, स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ जाएगी।
हलीम के एक टेबल स्पून बीजों के सेवन से 12 मिलीग्राम आयरन की प्राप्ति हो जाती है। इसलिये इनके सेवन से महिलाओं को खून की कमी से उबरने में मदद मिलती है।
मीनोपाॅज के दौरान एस्ट्रोजन की कमी से महिलाओं के शरीर में बहुत से बदलाव आते हैं। हलीम के बीज इन लक्षणों को कम करने में मददगार हैं।
हलीम के बीज कैल्शियम,प्रोटीन, मैग्नीशियम, पोटेशियम और फास्फोरस से भरपूर हैं जो ढलती आयु में हड्डियों को मजबूत बनाने और उनका घनत्व बेहतर करने में मददगार हैं।
हलीम के बीजों में फाइबर और प्रोटीन होता है जिससे पेट के देर तक भरा होने के साथ संतुष्टि का भी अहसास बना रहता है। इसलिये इनके सेवन से वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
हलीम के बीज आपकी इम्यूनिटी बढ़ाते हैं जिससे आप बीमारियों का डटकर सामना कर सकती हैं।
हलीम के बीजों के सेवन की मात्रा को एक टी स्पून से अधिकतम एक टेबल स्पून के बीच सीमित रखें। और एक दिन के अंतराल पर लें।