जो लोग हड्डियों का ढांचा नज़र आते हैं, उन्हें शर्मिंदगी का शिकार होना पड़ता है।ऐसे लोग रोज़ाना दोनों टाइम भोजन के दौरान एक रोटी के साथ गुड़- भैंस का घी खाएं, बहुत जल्दी उनके शरीर पर मांस चढ़ेगा।

गुड़ भोजन को पचाने में मदद करता है। साथ ही यह पोषक तत्वों का अवशोषण भी बढ़ाता है।इसके सेवन से पाचक एंजाइम उत्तेजित होते हैं। वहीं घी में रेचक (लैक्सेटिव) गुण होते हैं इसलिए यह कब्ज को दूर करने में मदद करता है।
आयुर्वेद के अनुसार घी और गुड़ का सेवन साथ में करने से वात पित्त और कफ तीनों दोष संतुलित होते हैं।
गुड और घी का साथ इम्यूनिटी बढ़ाता है। गुड़ और घी साथ में खाने से सर्दी-जुकाम से राहत मिलती है।
घी गर्म करके उसमें गुड़ पिघलाकर खाने से साइनस से आराम मिलता है।
गुड़ और घी का साथ में सेवन स्ट्रैस को कम करता है। इसके सेवन से मूड अच्छा रहता है। साथ ही दिमाग भी तेज होता है।
चिकनाई से भरपूर घी जोड़ों के लिए अच्छा होता है इसलिए बुजुर्गियत में जोड़ों में तकलीफ ना हो इसके लिए आधे से एक चम्मच घी रोजाना खाना बेहतर है।
गुड़ और घी दोनों में पोटैशियम होता है, जो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को सही बनाए रखता है और बीपी को भी नियंत्रित करता है।
गुड़ और घी दोनों को ही अपने रक्त शुद्ध करने के गुण के कारण जाना जाता है।
गुड और घी साथ में गर्म करके खाने से पीरियड के पेन से राहत मिलती है साथ ही हार्मोनल परेशानियां भी दूर होती हैं।