पिछले कुछ समय से साइबर ठगी, डेटा चोरी और फर्जी ऐप्स का खतरा लगातार बढ़ रहा था। ऐसे में Google ने अपनी नई सिक्योरिटी रिपोर्ट जारी की है। आइए जानते है...
रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2025 के दौरान कंपनी ने एंड्रॉयड यूजर्स की सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। लाखों खतरनाक ऐप्स को ब्लॉक किया गया, वहीं करोड़ों संदिग्ध इंस्टॉल को भी समय रहते रोक दिया गया।
कंपनी के मुताबिक, पिछले साल करीब 17.5 लाख ऐप्स को प्ले स्टोर पर आने से पहले ही रोक दिया गया। कुछ ऐप्स ठगी करने के मकसद से बनाए गए थे, जबकि कई ऐप्स यूजर्स की प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा बन सकते थे।
इसके अलावा, 80 हजार से ज्यादा डेवलपर अकाउंट भी बैन किए गए। इन अकाउंट्स पर धोखाधड़ी, बार-बार नियम तोड़ने और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे थे, जिसके बाद कंपनी ने सख्त कदम उठाया।
रिपोर्ट में ये भी सामने आया कि करीब 2.55 लाख ऐप्स ऐसे थे जो यूजर्स का सेंसिटिव डेटा बिना वजह एक्सेस कर रहे थे। इनको भी ब्लॉक किया गया। कंपनी ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी पहले से ज्यादा टाइट कर दी है।
ऐप्स की भरोसेमंदी बनी रहे इसके लिए Google ने एंटी-स्पैम सिस्टम को और पावरफुल बनाया। नतीजा ये रहा कि 16 करोड़ से ज्यादा फर्जी रेटिंग और रिव्यू डिलीट कर दिए गए। कई अच्छे ऐप्स को जानबूझकर खराब रिव्यू दिए जा रहे थे।
Google ने अब ऐप रिव्यू सिस्टम में AI का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। ये टेक्नोलॉजी ऐप को डेवलपमेंट के स्टेज पर ही स्कैन कर लेती है। मैलवेयर हो, स्पाइवेयर हो या पैसों का कोई स्कैम, AI सब पकड़ लेता है।
Android का बिल्ट-इन सिक्योरिटी फीचर Play Protect अब काफी स्ट्रांग हो चुका है। ये सिस्टम 185 देशों में 2.8 अरब से ज्यादा डिवाइस को प्रोटेक्ट कर रहा है। सिर्फ 2025 में इसने 26.6 करोड़ रिस्की इंस्टॉल अटेम्प्ट रोके।
फोन कॉल के दौरान ठग लोगों को बहलाकर खतरनाक ऐप इंस्टॉल करवा लेते थे। इसे रोकने के लिए नया फीचर लाया गया है। अब कॉल चालू रहते हुए कोई भी फोन की सिक्योरिटी सेटिंग को डिसेबल नहीं कर पाएगा।
सीधी बात ये है कि Android फोन अब पहले के मुकाबले काफी ज्यादा सेफ हो गए हैं। Google AI, सख्त पॉलिसी और बेहतर सिस्टम लगाकर खतरनाक ऐप्स को एंट्री लेवल पर ही रोक रहा है। यूजर्स को टेंशन लेने की जरूरत नहीं जितनी पहले होती थी।