हिंदू धर्म में सबसे ज्यादा घर के मंदिर को पूरे दिल जान से पूछा जाता है, ऐसा इसलिए क्योंकि इसे सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र माना जाता है. मान्यता है कि घर में जिस नियमित रूप से पूजा-पाठ होता है. उस घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है.
वही इस घर के मंदिर के निमयों को लेकर वास्तु शास्त्र में भी कई नियम बताए गए है, जिनका पालन करना बहुत जरुरी माना जाता है. अगर इसे अनदेखा की जाए तो घर में नकारात्मक ऊर्जा जैसे कई परेशनियों का सामना करना पड़ता है. तो आइए जानते है वास्तु के अनुसार वो 3 बड़ी गलतियां...
वास्तु के अनुसार अगर आपके घर की मंदिर में कभी भी भगवान जी की ऐसी मूर्तियां या तस्वीरें जो खंडित हो उसे भूल कर भी न रखे. ऐसा मान्यता है कि यदि मंदिर में कोई मूर्ति हो तो से किसी पवित्र नदी या जल में विसर्जित कर देना चाहिए, नहीं तो घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकती हैं.
अगर घर की मंदिर यानि पूजा स्थल को हमेशा साफ-सुथरा से रखना बहुत जरुरी है. वास्तु के अनुसार मंदिर के आस-पास धूल-गंदगी या फिर अनावश्यक सामान रखने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है और धीरे-धीरे घर का विनाश हो जाता है.
इतना ही नहीं पूजा स्थल को गंदा रखने से बढ़ रही धन-दौलत भी कम होने लगाती है, और घर में कलेश भी बढ़ने का कारण होता है. इसलिए पूजा स्थल को रोज साफ-सुथरा करके रखना चाहिए.
घर के मंदिर की सही दिशा को लेकर भी वास्तु में बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. ऐसा इसलिए क्योंकि घर के पूजा कमरे का ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा सबसे शुभ और लाभ मणि जाती है. अगर मंदिर की दिशा गलत में बना हो तो देवी-देवताओं की मूर्तियां गलत दिशा में रखी हो ऐसे में पूजा का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है.
सबसे जरुरी बात भूलकर भी पूजा करते समय शांत और पवित्र मन रखना चाहिए, वही मान्यता यह भी है कि अगर मंदिर में नियनित रूप से दीपक जलाना और भगवान का स्मरण करना बहुत शुभ माना जाता है.
इतना ही नहीं अगर आप इन धर्मिक मान्यताओं का सही से पालन नहीं करते है तो आपके जीवन में दुख भर-भरकर पीछा करते है, वही आप मंदिर के सही नियमों से साफ-सफाई के साथ रखते है तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर धन-दौलत, सुख-शांति हमेशा के लिए बनी रहती है.