मकर संक्रांति के दिन तिल और गुड़ के लड्डू, खिचड़ी गजक खूब जाया जाता है.
वहीँ, मकर संक्रांति के दिन बिहार,यूपी, झारखंड में दही- चूड़ा खाया जाता है.
दही- चूड़ा और गुड़ या शक़्कर को मिलाकर सबसे पहले भगवान को अर्पित करते हैं और फिर प्रसाद के रूप में परिवार के सभी लोग साथ में खाते हैं.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दही को हिंदू धर्म में शुद्ध और सात्विक माना गया है और चावल अन्न का राजा है, सात्विक होने के कारण इसे खाया जाता है.
दही- चूड़ा खाने से बहुत फायदा भी होता है. पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज, गैस और अपच की परेशानी दूर होती है.
दही- चूड़ा खाने से शरीर की इम्यूनिटी स्ट्रांग होती है.
दही- चूड़ा में कैलोरी भी कम होती है और शरीर को इंस्टेंट एनर्जी भी मिलता है.
चूड़ा नेचुरल आयरन से भरपूर होता है और दही में कैल्शियम और प्रोटीन जो एनीमिया दूर करने और हेल्दी रखने में मददगार है.
दही- चूड़ा का सेवन हड्डियों और दांतों के लिए फायदेमंद है.