जिन लोगों को इरिटेबल बाउल सिंड्रोम और पेट में सूजन समेत पेट से जुड़ी अन्य बीमारियां हैं उन्हें चिया सीड्स नहीं लेने चाहिए। वरना इन लोगों को पेट दर्द, डायरिया, ब्लीडिंग और वेट लाॅस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
चिया सीड्स अपनी मात्रा से 12 गुना तक अधिक पानी सोख सकते हैं। जैल की तरह गाढ़े होने के कारण इन्हें निगलते समय घुटन का खतरा हो सकता है। साथ ही बिना पानी के सूखा निगलने से भी परेशानी हो सकती है। चिया सीड्स को खाने से पहले उन्हें कम से कम 5-10 मिनट के लिए पानी में ज़रूर भिगोएँ।
अगर आपको डायबिटीज़ है तो चिया सीड्स के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
चिया सीड्स में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) होता है, एक रिसर्च के अनुसार यह संभावित रूप से प्रोस्टेट कैंसर को बढ़ावा दे सकता है।
चिया के बीजों में फाइटिक एसिड की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में कुछ मिनरल्स के अवशोषण में बाधा डाल सकती है।
अगर आप बीपी नियंत्रित करने वाली दवा ले रहे हैं या आप खून के थक्के जमने की समस्या से पीडित हैं, तो डॉक्टर के परामर्श पर ही चिया सीड्स लें।
अगर आपको उल्टी या घबराहट की समस्या हो, तो चिया सीड्स का सेवन नहीं करना चाहिए।
चिया सीड्स में मौजूद कंपाउंड्स कई लोगों में एलर्जिक रिएक्शन का कारण बन सकते हैं जिससे स्किन रैशेज़, रैडनेस आदि की समस्या हो सकती है। कुछ दवाओं के साथ भी चिया सीड्स रिएक्शन कर सकते हैं।
अगर आप चिया सीड्स ले रहे हैं तो उसके साथ पर्याप्त पानी भी लें। बिना या कम पानी के साथ चिया सीड्स का अधिक मात्रा में सेवन शरीर में पानी की कमी का कारण बन सकता है। साथ ही ऐसे में अधिक फाइबर के कारण इसे पचाना भी कठिन हो सकता है।
चिया सीड्स में कैलोरी की मात्रा काफी होती है। जरूरत से ज्यादा चिया सीड्स लेने पर वेट बढ़ने की समस्या भी हो सकती है। ।