छत्तीसगढ़ में यूँ तो कई छोटे बड़े धार्मिक और पर्यटन स्थल हैं जिसका अपना ही एक अलग महत्व है.

ऐसी ही एक जगह है छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित "मधेश्वर महादेव पहाड़".
मधेश्वर महादेव पहाड़ जशपुर जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर की दूरी पर कुनकुरी विकासखण्ड के चरई डांड के समीप मयाली गांव में स्थित है.
मधेश्वर महादेव पहाड़ को विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग कहा जाता है.
इसका नाम गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड में ’लार्जेस्ट नेचुरल फैक्सिमिली ऑफ शिवलिंग’ के रूप में दर्ज किया गया है.
मधेश्वर महादेव पहाड़ इतना बड़ा है कि आसपास के 40 से ज्यादा गांव से नजर आता है.
मधेश्वर महादेव पहाड़ के नीचे एक गुफा भी है इस गुफा के आखिरी छोर तक कोई भी नहीं पहुंच पाया हैं. माना जाता है कि यहाँ भगवान शिव निवास करते हैं.
मधेश्वर पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता किसी का भी मन मोह सकती है. यहाँ चारों तरफ हरे-भरे जंगल है.और सामने एक जलाशय है, जो इसकी सुंदरता को और बढ़ा देता है.
मधेश्वर महादेव पहाड़ की आकृति शिवलिंग के आकार की है. इसलिए इसे प्राकृतिक शिवलिंग कहा जाता है और सालों से यहाँ के लोग महादेव मानकर पूजते आये हैं.
यह स्थान लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र है धार्मिक महत्व के साथ एडवेंचर स्पोर्ट्स व पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है.