आचार्य चाणक्य ने अपनी अमर रचना ‘चाणक्य नीति’ में जीवन, समाज, राजनीति, शिक्षा, प्यार, दोस्ती को लेकर कई कई बातें बताई है.
आचार्य चाणक्य की बातें अगर जीवन में अपना ली जाएँ, तो सफलता के रास्ते खुल जाते हैं. तरक्की मिलती है.
इसी तरह आचार्य चाणक्य ने कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताया है जहाँ इंसान लो जाने के लिए मना किया गया है.
इन चार जगहों पर भूलकर भी नहीं जाना चाहिए, क्युकी ऐसी जगहों पर जाने से असफलता, दरिद्रता और अपमान मिलता है.
आचार्य चाणक्य के अनुसार, शिक्षा को जीवन का सबसे बड़ा धन माना गया है, ऐसी जगह जहाँ पढ़ाई-लिखाई को महत्व न दिया जाता हो वहां न जाएँ.
गलत आदतों,नकारात्मक व्यवहार, गलत आचरण, बुरी संगती यानी जहाँ अच्छे संस्कार न हो वहां व्यक्ति को नहीं जाना चाहिए.
जहां सम्मान ना मिले और आत्मसम्मान को ठेस पहुंचे वहां न जाए, चाहे नौकरी हो या फिर सामाजिक स्थान जहाँ सम्मान न मिले कभी नहीं जाना चाहिए.
जीवन के लिए सभी कामों में पैसे की ही आवश्यकता पड़ती है, जिसके लिए रोजगार चाहिए, यानी ऐसी जगह जहाँ रोजगार न हो वहां कभी न जाए.