आचार्य चाणक्य ने अपने श्लोकों के माध्यम से जीवन की वास्तविकताओं से परिचित कराया है।

उनके दिए ज्ञान को आत्मसात कर हम अपने जीवन की बाधाओं को पार कर सकते हैं।
गलतियां करने से बच सकते हैं। जानते हैं चाणक्य के अनुसार वे कौन सी बातें हैं जो बिना आग के भी शरीर को जलाती हैं।
पत्नी के बिछुड़ना यानि उसके वियोग को सहना पड़े तो इंसान बिना आग के जलता है।
या जब यदि भाईयों या सगे-संबंधियों की तरफ से अपमान झेलना पड़े तो इंसान इसे सह नहीं पाता है।
कर्ज़ में दबा हुआ इंसान भी कभी सुख से नहीं रह सकता।
दुष्ट मालिक के अधीन रहने वाला व्यक्ति भी हमेशा मर-मर के जीता है।
निर्धनता को तो इंसान सोते-जागते कभी भूल ही नहीं सकता।
ये सब ऐसी बातें हैं जिनसे बिना आग के ही व्यक्ति अंदर ही अंदर जलता है।