आचार्य चाणक्य, जिनकी नीतियों ने राजनीति के साथ-साथ पारिवारिक जीवन में भी मार्गदर्शन दिया.
उन्होंने स्त्रियों के कुछ विशेष गुणों को बताया है जो एक आदर्श गृहस्थ जीवन की नींव रख सकते हैं.
अगर किसी स्त्री में ये चार गुण मौजूद हों, तो वह अपने पति का भाग्य बदल सकती है.
ऐसी स्त्री से विवाह करना पुरुष के लिए किसी वरदान से कम नहीं होता.
जो स्त्रियां लक्ष्य के साथ जीवन जीती हैं, वो आत्मनिर्भर होती हैं, घर को व्यवस्थित रखती है, पति के साथ हर हाल पर खड़ी रहती हैं.
सच्ची पत्नी वह होती है जो अच्छे-बुरे हर समय में पति का साथ न छोड़े. संकट की घड़ी में डटकर खड़ी रहने वाली स्त्री, जीवन को स्वर्ग बना देती है.
जो स्त्री पति की सूरत, धन नहीं, बल्कि गुणों से प्रेम करती है, सच्ची जीवनसंगिनी कहलाती है. उम्र बीतने पर रूप बदल सकता है, लेकिन गुण हमेशा साथ रहते हैं.
जो स्त्री पति की सफलता पर गर्व करती है, उसकी कमजोरियों को सुधारने में मदद करती है, वह रिश्ते को मजबूत बनाती है, पति का जीवन भी संवारती है.