चाणक्य नीति कहती है कि परिवार ही बिना स्वार्थ के सबसे ज़्यादा प्यार करता है.
सुखी परिवार व्यक्ति को मानसिक रूप से स्वस्थ और संतुलित बनाए रखता है.
जहां सभी सदस्य मेहनत और ईमानदारी से काम करें, वहां तरक्की ज़रूर होती है.
जरूरतों के अनुसार धन खर्च करने वाला परिवार हमेशा समृद्ध रहता है.
घर में बुद्धिमान संतान और मीठा बोलने वाली पत्नी हो तो वहां हमेशा सुख रहता है.
महिलाओं के सकारात्मक प्रयास घर को खुशियों से भर देते हैं.
जहां घर की महिलाएं खुश हों, वहां से नकारात्मकता भी दूर हो जाती है.
घर का मुखिया अगर न्यायप्रिय और जिम्मेदार हो, तो पूरे परिवार में शांति रहती है.
ऐसे परिवार समाज के लिए मिसाल बनते हैं और हर दिन खुशियों से भरे रहते हैं.