पीरियड्स अनियमित होना यानि दो-तीन महीने के गैप से पीरियड आना आज की बेटियों की प्रमुख समस्या है जो मांओं को डरा रही है।

क्योंकि इससे आगे चलकर गर्भधारण में भी दिक्कत हो सकती है। जानिए वो कारण जो इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
एनीमिया होने पर यानि शरीर में खून, हीमोग्लोबिन की कमी होने पर पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं।
थायराइड की परेशानी होने पर भी पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं।
पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) भी इसका कारण हो सकता है।
कुछ लड़कियों को कम उम्र में ही डायबिटीज़ हो जाती है। इसका भी असर उनकी माहवारी पर पड़ सकता है।
अत्यधिक तनाव और नींद की कमी भी अनियमित माहवारी के लिए जिम्मेदार हो सकती है।
गर्भाशय में फाइब्रॉएड होने पर भी पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं।
बेटियों का जंक फूड ज्यादा खाना और बैठे रहना घातक है। पेट के निचले हिस्से पर जमा अधिक फैट पीरियड्स न आने के लिए जिम्मेदार हो सकता है।
हरी पत्तेदार सब्जियां खाना, जंक फूड से दूरी, नियमित व्यायाम के अलावा प्राॅपर इलाज से यह समस्या हल हो सकती है।