जौ एक बहुत ही स्वास्थ्यवर्धक अनाज है। आप रोज सुबह खाली पेट या दिन में किसी भी समय इसके पानी का सेवन करें तो आपको बहुत फायदे होंगे।
जौ का पानी किडनी के लिए रामबाण है। यह मूत्रवर्धक के रूप में कार्य करता है और किडनी के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।
यह छोटे किडनी स्टोन को भी बाहर निकालने की क्षमता रखता है।
घुलनशील फाइबर से भरपूर जौ का पानी हृदय रोग और स्ट्रोक के खतरे को कम करता है।
यह बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है, ऐसा जौ में मौजूद टोकोल नामक रसायन के कारण होता है।
जौ का पानी प्राकृतिक रूप से मूत्रवर्धक है।यह मूत्र पथ संक्रमण यानि यूटीआई के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है।
यह बाॅडी को डिटाॅक्स करता है और त्वचा को अंदर से स्वस्थ बनाता है। यह स्किन को हाइड्रेटेड रखता है। इससे स्किन नम, चमकदार, ताज़ातरीन और यंग नज़र आती है।
जौ का पानी वेट लाॅस में मदद करता है। फाइबर से भरपूर जौ का पानी पीने से देर तक पेट भरा रहता है और भूख कम लगती है।
एक शोध के अनुसार जौ के पानी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स प्री-डायबिटीज को उलटने में भी मदद करते हैं।
वहीं डायबिटीज़ के मरीजों के लिए खाने के बाद इसकी एक कप मात्रा का सेवन उपयोगी होता है।
फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और फेरुलिक एसिड से भरपूर जौ का पानी कोलन कैंसर, स्तन कैंसर और त्वचा के कैंसर से बचाव के लिए विशेषकर उपयोगी पाया गया है।
जौ के पानी में मौजूद विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स इम्यूनिटी को बढ़ाने में मददगार हैं।
जौ का पानी गर्मी में भी नियमित रूप से पिया जा सकता है। यह डिहाइड्रेशन से बचाता है।
इसमें मौजूद फाइबर पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करके मल त्याग की क्रिया को आसान बनाता है।
जौ का पानी ऐसे बनाएं:- जौ का पानी बनाने के लिए एक चौथाई कप जौ के दाने लें। इन्हें अच्छी तरह साफ करके धो लें।
इन्हें रात भर के लिए पानी में भिगोकर रखें। अब अतिरिक्त पानी फेंक कर इसे प्रेशर कुकर में ट्रांसफर करें। तीन-चार कप पानी ऐड करें और प्रेशर कुकर को बंद कर दें।
आपको इसे 5-6 सीटी आने तक पकाना है। प्रेशर निकलने के बाद उसे गिलासों में खाली कर लें।
आप चाहे तो इसमें नींबू का रस और काली मिर्च पाउडर डाल सकते हैं। आप पानी को ठंडा करके या गुनगुना भी पी सकते हैं।