खुशियां कपाड़िया हाउस का दरवाजा खटखटाएंगी। अनुपमा की आंखों में बहुत दिनों बाद खुशी के आंसू आएंगे। अनुज भावुक हो जाएगा।
पाखी इमोशनल हो जाएगी। वहीं दूसरी तरफ, शाह परिवार एक बार फिर एकजुट हो जाएगा। वनराज की खातिर हर कोई साथ आ जाएगा।
दोनों परिवार मिलकर नवरात्रि का त्योहार मनाने का फैसला लेंगे। पढ़िए आज टेलीकास्ट होने वाले एपिसोड का रिटन अपडेट।
एपिसोड की शुरुआत में दिखाया जाएगा कि मालती देवी, छोटी अनु को डांस सिखाएगी। डांस सीखने के बाद छोटी अनु, मालती देवी को गुरु मां कहेगी।
ऐसे में मालती देवी, छोटी अनु को समझाएगी कि वह उसकी दादी है इसलिए वह उसे गुरु मां नहीं बल्कि दादी कहे। छोटी अनु मान जाएगी।
वह कहेगी, 'पहले आप मुझसे वादा करो कि आप पापा को छोड़कर कभी नहीं जाओगे और पापा को हर्ट भी नहीं करोगे।'
मालती देवी कहेगी, 'ये तेरी दादी तेरे पापा को छोड़कर कहीं नहीं जाएगी। तेरी दादी तेरा और तेरे पापा दोनों का ध्यान रखेगी।'
एक तरफ, मालती देवी कपाड़िया परिवार को अपना बनाने की कोशिश करेगी। वहीं दूसरी तरफ, अनुपमा भी अपने और अनुज के बीच सबकुछ ठीक करने की कोशिश करेगी।
वनराज के चेकअप के बाद अनुपमा, अनुज से बात करेगी। वह अनुज के साथ कपाड़िया हाउस जाएगी। अनुज, अनुपमा से पूछेगा, 'मुझे मेरी अनु पूरी तरह कब मिलेगी?' अनुपमा भावुक हो जाएगी।
दोनों पुराने दिनों को याद करने लगेंगे। अनुज, अनुपमा का हाथ पकड़ लेगा और पूछेगा, 'क्या तुम मुझे कभी माफ कर भी पाओगी?'
अनुपमा कहेगी, 'मैं कोशिश कर रही हूं, लेकिन थोड़ा समय चाहिए।' अनुज कहेगा, 'जितना समय चाहिए उतना समय ले लो। बस अपने अनुज को छोड़कर मत जाना। मैं मर जाऊंगा।'
अनुज के मुंह से मरने की बात सुनकर अनुपमा डर जाएगी। लेकिन, जैसे ही वह कपाड़िया हाउस पहुंचेगी उसे जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी मिलेगी। समर की आंखें जिस बच्चे को डोनेट की गई थीं वह बच्चा अनुपमा के सामने आ खड़ा होगा।
अनुपमा उसे देखकर खुश हो जाएगी। उसे लगेगा जैसे उसका समर वापस आ गया है। वह अपने हाथों से उसे लड्डू खिलाएगी। अनुपमा कहेगी, 'मेरे समर ने रोने से मना किया था।
लेकिन ये खुशी के आंसू हैं। आज मन खुश हो गया। मेरा समर किसी की आंखें बनकर तो किसी के दिल की धड़कन बनकर जिंदा है। जिंदा है मेरा समर।' अनुपमा और उस लड़के को साथ देख पाखी इमोशनल हो जाएगी।