टीवी सीरियल 'अनुपमा' में इन दिनों दिलचस्प मोड़ चल रहा है। मंगलवार के एपिसोड में मीनू और किंजल मंदिर जाते समय अनुज को देखती हैं।
वे उसका पीछा करती हैं और अनुज को एक कागज भगवान के चरणों में रखते हुए देखती हैं।
लेकिन कागज उड़ जाता है, और अनुज पागलों की तरह उसे पकड़ने के लिए दौड़ पड़ता है, जिससे उसे चोट भी लग जाती है।
6 अगस्त के एपिसोड में दिखाया जाएगा कि दौड़ते हुए अनुज को चोट लग जाती है, लेकिन वह इस पर ध्यान नहीं देता। मीनू उसे रोकती है और डांटती है।
मीनू उसकी पट्टी करती है और दवाई देती है। मीनू की इस देखभाल से अनुज को अपनी बेटी आध्या की याद आ जाती है।
इस दौरान अनुपमा भी अनुज को खोजते हुए मंदिर में पहुंचती है और देखती है कि अनुज मीनू की सारी बातें मान रहा है।
अनुज, मीनू को अपने दिल की बात बताता है। वह कहता है कि उसकी बेटी आध्या भी उसे इसी तरह डांटती थी और कभी-कभी उठक-बैठक भी करवाती थी।
अनुज भावुक होकर कहता है, "आज वो कही जा चुकी है, अब वो मेरी कोई बात नहीं मानती और मेरे बुलाने पर भी नहीं आती।"
शाह निवास में वनराज, मिस्टर विरानी को कॉल करता है और कहता है कि आश्रम के कागजों पर हार्दिक के साइन होते ही इसे तुड़वाने का काम शुरू करवा देना चाहिए।
वह बा को डांटता है, लेकिन बा चुपचाप उसकी बातें सुनती रहती हैं। बा अब भी मानती हैं कि हंसमुख बापूजी ने अनुपमा के साथ रहकर गलती की है।
अनुज और मीनू को आश्रम जाते समय बा देखती हैं और नाराज हो जाती हैं। बा, अनुज और हंसमुख के बारे में बात करती हैं, तब वहां डिंपल आती है और मिर्च-मसाला लगाकर बा को सारी बातें बताती है।
डिंपल कहती है कि तपिश अब पहले जैसा नहीं रहा। बा कहती हैं, "सब दिख रहा है कौन कितना बदला है।"