इस बात को हम सभी जानते है कि एक साल में 12 महीने होते है, लेकिन एक ऐसा देश है जहां 12 नहीं, बल्कि 13 महीने होते हैं। और खास बात यह है कि अपनी इस अनूठी वजह से दुनिया का यह देश बाकी दुनिया से करीब आठ-नौ साल पीछे है। तो आइए जानते है...
दरअसल, हम इथियोपिया देश की बात कर रहे हैं। जहां ग्रेगोरियन कैलेंडर नहीं, बल्कि देश का खुद का ‘गीत’ कैलेंडर फॉलो किया जाता है। इसमे 12 नहीं बल्कि 13 महीने होते हैं।
इसको आप ऐसे समझिए कि यहां भी हर देश की तरह 30-30 दिनों के ही महीने होते हैं, लेकिन 13वें महीने ‘पागूमे’ में केवल पांच या लीप ईयर में 6 दिन होते हैं।
अपने इस पारंपरिक कैलेंडर की वजह से इथियोपिया देश बाकी दुनिया से करीब आठ-नौ साल पीछे चल रहा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सरकारी कामकाज में ग्रेगोरियन कैलेंडर का ही इस्तेमाल किया जाता है।
इस अंतर के मुख्य कारण की बात करें, तो यह ईसा मसीह के जन्म की गणना में अंतर के कारण है। अमूमन सभी ईसाई देश ईसा मसीह के जन्म को 1 ईस्वी मानते हैं, जबकि इथियोपिया ऑर्थोडॉक्स चर्च के मुताबिक, ईसा मसीह का जन्म 7 ईसा पूर्व में हुआ था।
इथियोपिया कैलेंडर में नया साल मनाने की भी अलग तारीख है। यहां हर साल 11 सितंबर को ही नए साल का आगमन माना जाता है।
वहीं, लीप वर्ष में यह तारीख बदलकर 12 सितंबर हो जाती है। आपको बता दें कि इस पर्व को यहां एनकुटाटाश कहा जाता है, जिसका अर्थ गहनों का उपहार होता है।
आपको बता दें कि यहां के लोग कैलेंडर की गणना भी अलग तरीके से करते हैं। यहां दिन की शुरुआत ग्रेगोरियन कैलेंडर के सुबह 6 बजे से की जाती है।
इथियोपिया में सुबह के 12 बजे माना जाता है। वहीं, जिस समय ग्रेगोरियन कैलेंडर में दोपहर के 12 बज रहे होते हैं, इथियोपिया में शाम के 6 बज जाता हैं।