16 April 2024 Ka Panchang: जानिए कैसे रहेगा मंगलवार का पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त...
आज का पंचांग 16 अप्रैल 2024 वार मंगलवार तिथि अष्टमी – 01:23 PM तक उसके बाद नवमी नक्षत्र पुष्य – 05:16 AM, अप्रैल 17 तक पक्ष शुक्ल पक्ष मास चैत्र
सूर्योदय 05:34 AM सूर्यास्त 06:21 PM चंद्रोदय 11:50 AM चन्द्रास्त 01:54 AM, अप्रैल 17 रवि योग 05:16 AM, अप्रैल 17 से 05:33 AM, अप्रैल 17 सर्वार्थ सिद्धि योग 05:16 AM, अप्रैल 17 से 05:33 AM, अप्रैल 17
शुभ काल अभिजीत मुहूर्त 11:32 AM से 12:23 PM अमृत काल मुहूर्त 10:17 PM से 12:02 AM, अप्रैल 17 विजय मुहूर्त 02:06 AM से 02:57 AM गोधूलि मुहूर्त 06:20 PM से 06:43 PM सायाह्न संध्या मुहूर्त 06:21 PM से 07:28 PM निशिता मुहूर्त 11:35 PM से 12:20 AM, अप्रैल 17 ब्रह्म मुहूर्त 04:05 AM से 04:49 AM प्रातः संध्या 04:27 AM से 05:34 AM
अशुभ काल दुर्मुहूर्त 08:07:44 से 08:58:53 तक कालवेला / अर्द्धयाम 08:07:44 से 08:58:53 तक कुलिक 13:14:37 से 14:05:46 तक यमघण्ट 09:50:02 से 10:41:11 तक कंटक 06:25:26 से 07:16:35 तक यमगण्ड 08:46:06 से 10:22:00 तक राहुकाल 15:09:42 से 16:45:36 तक गुलिक काल 11:57:54 से 13:33:48 तक गण्ड मूल 05:16 AM, अप्रैल 17 से 05:33 AM, अप्रैल 17
दिन चौघड़िया-रोग 06:08 AM 07:43 AM उद्बेग (वार वेला) 07:43 AM 09:17 AM चर 09:17 AM 10:52 AM लाभ 10:52 AM 12:26 PM अमृत 12:26 PM 14:01 PM काल (काल वेला) 14:01 PM 15:35 PM शुभ 15:35 PM 17:09 PM रोग 17:09 PM 18:44 PM
रात चौघड़िया-काल 18:44 PM 20:09 PM लाभ (काल रात्रि) 20:09 PM 21:35 PM उद्बेग 21:35 PM 23:00 PM शुभ 23:00 PM 00:26 AM अमृत 00:26 AM 01:51 AM चर 01:51 AM 03:17 AM रोग 03:17 AM 04:42 AM काल 04:42 AM 06:08 AM
हमारे दैनिक रोजमर्रा के कामों के लिये काफी मददगार हो सकता है। हमें पता रहता है कि आज हमारे लिये कौनसा समय महत्वपूर्ण कार्यों को करने या निर्णयों को लेने के लिये शुभ परिणाम देने वाला रहेगा। इस प्रकार पंचांग की मदद से हम अपने दिन की एक बेहतर योजना बना सकते हैं।
यदि पंचांग के अनुसार आज के लिये हमारे ग्रहों की दशा व दिशा शुभ संकेत नहीं कर रही है तो हम अपने कार्यों को थोड़े समय के लिये होल्ड कर सकते हैं या फिर आवश्यक कार्य बिना किसी लापरवाही के सावधानी के साथ निपटा सकते हैं। कुल मिलाकर समय के अनुसार हम सतर्क रह सकते हैं। तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण दैनिक पंचांग के मुख्य पांच अंग होते हैं।