पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के खिलाफ वारंट जारी, चांदीवाल आयोग के सामने नहीं हो रहे थे पेश

मुंबई 7 सितम्बर 2021. महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के ख़िलाफ़ किए वसूली के आरोपों की जांच कर रही चांदीवाल आयोग ने वसूली के आरोप लगाने वाले मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के ख़िलाफ़ 50 हज़ार रुपए का ज़मानती वारंट जारी किया है. आयोग के वकील सिशिर हीरे ने बताया की एक वकील ने आयोग के सामने परमबीर सिंह अनुपस्थित रहते हैं जिस वजह से सुनवाई बार बार आगे बढ़ रही है इस वजह से उनके ख़िलाफ़ ग़ैरज़मानती वारंट जारी की जाए. इसपर आज आयोग ने 50 हज़ार रुपए का ज़मानती वारंट जारी किया है. बंबई हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस कैलाश उत्तमचंद चांदीवाल ने मंगलवार को यह वारंट जारी किया और परम बीर को व्यक्तिगत रूप से जांच आयोग के समक्ष पेश होने के लिए कहा. महाराष्ट्र सरकार ने परम बीर सिंह की ओर से राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाये गये गंभीर आरोपों की जांच के लिए मार्च में आयोग का गठन किया था.
परम बीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया था कि अनिल देशमुख ने मुंबई के पुलिस अधिकारियों को रेस्टोरेंट और बार के मालिकों से पैसे की वसूली करने के निर्देश दिये हैं. इस सनसनीखेज आरोप के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया और उसे छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा.
जांच आयोग को छह महीने के भीतर यह बताना था कि क्या परम बीर सिंह के आरोपों की एंटी करप्शन ब्यूरो से जांच कराने की जरूरत है. सरकार ने कहा है कि अगर परम बीर सिंह अपने आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य पेश करते हैं, जिससे यह साबित हो कि अनिल देशमुख या उनके कार्यालय के किसी भी कर्मचारी ने कुछ गलत किया है, जैसा कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर ने अपने पत्र में आरोप लगाये हैं, तो आयोग उस मामले में उचित कार्रवाई की अनुशंसा कर सकता है.
परम बीर सिंह ने बंबई हाईकोर्ट में 4 अगस्त को एक याचिका दाखिल करके जांच आयोग को भंग करने का आदेश देने की मांग की. अपील में सिंह ने कहा है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और बंबई हाईकोर्ट दोनों ने सीबीआई जांच के आदेश पहले ही दे दिये हैं. इसलिए चांदीवाल कमीशन की जांच की कोई जरूरत नहीं रह जाती.
जांच आयोग के समक्ष पेश नहीं होने पर चांदीवाल कमीशन ने परम बीर सिंह पर कई बार जुर्माना लगाया है. जून में 5,000 रुपये और अगस्त में दो बार 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया था. मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह के खिलाफ चार प्राथमिकयां दर्ज की गयी हैं. इनमें से दो प्राथमिकी मुंबई औ दो ठाणे में दर्ज हुई हैं. 21 अगस्त को चौथी प्राथमिकी दर्ज की गयी.
