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वॉलमार्ट इंडिया में हाई लेवल पर छटनी, हटाएगी 56 से ज्यादा कर्मचारी…विस्तार पर रोक, कहा- पुनर्गठन का है लक्ष्य

नई दिल्‍ली 14 जनवरी 2019। वॉलमार्ट इंडिया ने अपने काम करने के तरीकों को बदलने का फैसला किया है। इसके लिए वो अपने 56 कर्मचारियों को निकाल रही है। वहीं अप्रैल में होने वाली छंटनी की खबरों को लेकर दुनिया की सबसे बड़ी रिटेलर वॉलमार्ट ने खारिज करते हुए इसे ‘आधारहीन और गलत बताया।’  कंपनी 28 कैश-एंड-कैरी स्टोर को संचालित करने वाली कॉर्पोरेट कार्यालय के सीनियर और मीडिल लेवल के कर्मचारियों को हटाएगी। वॉलमार्ट होलसेल स्टोर की बजाय ई-कॉमर्स बिजनेस पर फोकस कर रही है। कंपनी ने 2018 में फ्लिपकार्ट की कंट्रोलिंग हिस्सेदारी 16 अरब डॉलर में खरीदी थी।

यह ई-कॉमर्स में दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी डील है। वॉलमार्ट भारत में 28 होलसेल स्टोर के जरिए छोटे कारोबारियों को माल बेचती है, लेकिन ज्यादा विस्तार नहीं कर पाई, इसलिए ई-कॉमर्स पर जोर दे रही है। रिपोर्ट के मुताबिक वॉलमार्ट अब नए होलसेल स्टोर खोलने में भी तेजी नहीं दिखाएगी। इसकी बजाय बिजनेस-टू-बिजनेस और रिटेल ई-कॉमर्स के जरिए बिक्री बढ़ाने पर ध्यान देगी। भारत में वॉलमार्ट के 5,300 कर्मचारी हैं, इनमें से करीब 600 हेड ऑफिस में हैं।

भारत में आए एक दशक से ज्यादा बीत जाने के बाद भी वॉलमार्ट इंडिया की बिक्री सुस्त है और मुनाफे पर भी संशय है। गौरतलब है कि साल 2007 में वॉलमार्ट ने भारती समूह के साथ साझेदारी कर भारत के होलसेल कारोबार में कदम रखा था। साल 2013 में वॉलमार्ट ने भारती की पूरी 50 फीसदी हिस्सेदारी खरीद इस कारोबार को अकेले संभाल लिया था।

इस बारे में अभी इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी है कि उसने कितने कर्मचारियों को बाहर निकाला है या विस्तार योजनाओं को रोका गया है या नहीं। कंपनी के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा है, ‘हम अपने सदस्यों की सेवा के लिए हमेशा नए-नए रास्तों की तलाश में रहते हैं। इसके लिए हमें अपने कॉरपोरेट ढांचे में समीक्षा करने की जरूरत होती है ताकि अपने सदस्यों की जरूरतें बेहतर तरीके से पूरा कर सकें।’

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